सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में अदालत के आदेश पर की गई टिप्पणी को लेकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही यह टिप्पणी अवमानना (कंटेम्प्ट) के दायरे में आती है, लेकिन अदालत ने “अपनी उदारता दिखाते हुए” इस पर आगे कोई कार्रवाई न करने का फैसला किया। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ के समक्ष हुई।
आवारा कुत्तों से जुड़े इस मामले में मंगलवार को पांचवें दिन की सुनवाई पूरी हुई। अब इस केस की अगली सुनवाई 28 जनवरी को दोपहर 2 बजे तय की गई है। मंगलवार की सुनवाई में याचिकाकर्ताओं और विभिन्न एनजीओ की दलीलें समाप्त हो गईं। अगली तारीख पर सुप्रीम कोर्ट राज्यों, एमिकस क्यूरी और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की दलीलें सुनेगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एमिकस क्यूरी से यह भी पूछा कि क्या उनका नोट तैयार हो चुका है। इस पर एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल ने बताया कि अभी 7 राज्यों से संबंधित जानकारी आना बाकी है।
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