रतनपुर में “चंगाई सभा” पर बवाल! हिंदू संगठनों का उग्र विरोध
सरगुजा : बतौली जनपद के ग्राम पंचायत बालमपुर के अंतर्गत ग्राम रतनपुर में ईसाई समाज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय चंगाई सभा शनिवार को अचानक विवादों में घिर गई। कार्यक्रम के दूसरे दिन हिंदू संगठन और ग्रामवासियों ने सभा का तीखा विरोध करते हुए इसे धर्मांतरण की साजिश बताया।
विरोध इतना उग्र हुआ कि देखते ही देखते गांव का माहौल गर्म हो गया
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस तरह की सभाओं के जरिए गांव में धार्मिक मतभेद फैलाने और धर्म परिवर्तन की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने कहा —
धर्म परिवर्तन जैसे कृत्य गांव की शांति और एकता के लिए खतरा हैं, प्रशासन को इस पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।”
हिंदू संगठनों ने तहसीलदार को सौंपा आवेदन
विरोध प्रदर्शन के बीच हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार बतौली को लिखित आवेदन सौंपा और चंगाई सभा को तत्काल रोकने की मांग की।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई – मौके पर पहुंचे अधिकारी
सूचना मिलते ही तहसीलदार बतौली प्रशासनिक दल के साथ मौके पर पहुंचे।
उनके साथ सीतापुर SDOP एवं थाना प्रभारी सीतापुर भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और स्थिति को नियंत्रित करते हुए सभा को तत्काल समाप्त करने के आदेश दिए।आदेश मिलते ही आयोजन समिति ने मंच समेट दिया और कार्यक्रम बंद कर दिया गया।
ग्रामीणों ने जताया संतोष, गूंजे जयघोष
सभा रुकते ही गांव में “जय श्रीराम”, “धर्म की रक्षा करो” और “भारत माता की जय” के नारे गूंज उठे।
ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा —
भविष्य में यदि ऐसे आयोजन बिना अनुमति किए गए, तो पूरा गांव सड़कों पर उतर आएगा!”
मौके पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
मनोज लकड़ा, राजेश्वर मिंज, संदीप लकड़ा, राजाराम, उमेश्वर, जयप्रकाश, रामकुमार, सुखलाल, प्रदीप, सर्वेश्वर, घाशीराम, धनेश्वर, रामचमर साय, अनिल एक्का, देवशंकर, सुशील, चंदर मिंज, नरेंद्र पैकरा, अवधेश लकड़ा, मनेल, दिलीप लकड़ा, रुदेंद्र कुजुर, सूर्यकांत सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रशासन सतर्क – निगरानी बढ़ाई गई
बतौली क्षेत्र में इस घटना के बाद से धार्मिक आयोजनों और सामुदायिक कार्यक्रमों पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में बिना अनुमति कोई धार्मिक सभा नहीं की जा सकेगी।
रिपोर्टर : रिंकू सोनी

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