बतौली में मध्यान्ह भोजन रसोइयों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, स्वच्छता, गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष जोर

 सरगुजा : स्कूली बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड बतौली के बीआरसी सभा कक्ष में मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) तैयार करने वाली रसोइयों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में विकासखंड के विभिन्न प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत बड़ी संख्या में रसोइयों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने रसोइयों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, पोषण तथा भोजन निर्माण की सही प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि विद्यालयों में तैयार होने वाला मध्यान्ह भोजन बच्चों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए भोजन की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
रसोइयों को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन भोजन बनाने से पहले चावल को अच्छी तरह छांटकर साफ करें तथा सब्जियों को स्वच्छ पानी से धोने के बाद ही उपयोग में लाएं। भोजन बनाने में प्रयुक्त सभी बर्तन, मसाले, खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री को साफ एवं सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि किसी प्रकार का संक्रमण या खाद्य प्रदूषण न हो।
प्रशिक्षण में वर्षा ऋतु के दौरान विशेष सावधानी बरतने पर भी जोर दिया गया। रसोइयों को निर्देश दिया गया कि बारिश के मौसम में सोया बड़ी की सब्जी तैयार न करें, क्योंकि नमी के कारण इसके खराब होने की संभावना अधिक रहती है। इसके स्थान पर ताजी एवं सुरक्षित सब्जियों का उपयोग करने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना केवल भोजन वितरण की योजना नहीं है, बल्कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण स्तर में सुधार तथा विद्यालयों में नियमित उपस्थिति बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसलिए प्रत्येक रसोइया अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करें और शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण के दौरान रसोइयों की शंकाओं का समाधान भी किया गया तथा भोजन निर्माण, परोसने की प्रक्रिया, व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथ धोने की आदत, रसोईघर की साफ-सफाई एवं खाद्य सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव संबंधी आवश्यक जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी रसोइयों से बच्चों को समय पर स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने का संकल्प दिलाया गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा तथा बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

रिपोर्टर : रिंकू सोनी

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