स्वतंत्रता दिवस पर हर बार क्यों बदलती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पगड़ी?
स्वतंत्रता दिवस पर हर बार क्यों बदलती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पगड़ी?
स्वतंत्रता दिवस का अवसर हो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिधान चर्चा में न रहे ऐसा भला कैसे हो सकता है! इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया, तो देश की निगाहें एक बार फिर उनके विशिष्ट और सांस्कृतिक पहचान से परिपूर्ण अंदाज पर टिक गईं।
पीएम मोदी ने इस बार गहरे लाल रंग की बेहद आकर्षक राजस्थानी 'बंधेज' (बांधनी) पगड़ी पहनकर समारोह की शोभा बढ़ाई। पीले और सफेद बांधनी पैटर्न से सजी यह पगड़ी न केवल देखने में मनमोहक थी, बल्कि इसके जरिए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर 'वोकल फॉर लोकल' और भारतीय हस्तकला को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करने का एक बड़ा सांस्कृतिक संदेश भी दिया।
क्यों खास है इस बार की राजस्थानी 'बंधेज' पगड़ी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गहरे लाल रंग की राजस्थानी 'बंधेज' पगड़ी पहनी थी ये बंधेज' या बांधनी पगड़ी भारत की प्राचीन टाई एंड डाई (Tie and Dye) वस्त्र कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे कपड़े को बारीक धागों से बांधकर और फिर विभिन्न रंगों में रंगकर तैयार किया जाता है। मुख्य रूप से राजस्थान और गुजरात की परंपरा में बंधेज केवल पहनावा नहीं,बल्कि:सम्मान और गौरव का प्रतीक: यह राजस्थानी संस्कृति में उत्सवों, मांगलिक अवसरों और विशिष्ट आतिथ्य का प्रतीक मानी जाती है। यह पगड़ी देश के उन लाखों पारंपरिक कारीगरों की अथक मेहनत, कौशल और कलात्मक विरासत को दर्शाती है जो सदियों से इस कला को जीवित रखे हुए हैं।
परंपरा और विविधता का संगम: लाल किले पर 13वीं बार फहराया तिरंगा
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर 13वीं बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। साल 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद से ही पीएम नरेंद्र मोदी हर स्वतंत्रता दिवस पर भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाला रंग-बिरंगा साफा या पगड़ी पहनते आ रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने अपनी इस अनूठी परंपरा को पूरी गरिमा के साथ बरकरार रखा।

दशक भर का सफर और साल-दर-साल ऐसे बदला पीएम का पगड़ी अवतार
स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की पगड़ी का रंग और उसकी बुनाई हमेशा देश के मूड और एक विशेष संदेश को व्यक्त करती रही है। आइए एक नज़र डालते हैं यानि बीते सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवसों पर कौन कौन से रंगों की पगड़ी या साफा पहना गया है आइये आपको बताते हैं।
जब नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे तब 2014 में उन्होंने ब्राइट लाल और हरा साफा रंगो वाली पगड़ी बाँधी थी
और उसके बाद साल दर साल उनकी पगड़ी का रंग बदलता गया उन्होंने उसके बाद
2015-------------पीले और लाल रंग का साफा
2016-------------गुलाबी और पीले रंग का राजस्थानी साफा
2017-------------लाल और पीले रंग की चमकदार पगड़ी
2018------------- केसरिया और लाल साफा
2019 -------------मल्टीकलर (सतरंगी) साफा
2020------------- केसरिया और पीला साफा
2021------------- केसरिया और पीला साफा
2022 -------------तिरंगे के रंगों से सजी पगड़ी
2023------------- राजस्थानी प्रिंट वाली मल्टीकलर पगड़ी
2024 -------------लहरिया प्रिंट के साथ तिरंगे के रंग वाली पगड़ी
2025--------------शुद्ध केसरिया अंदाज
2026------------- गहरे लाल रंग की राजस्थानी 'बंधेज' पगड़ी
आपको बता दें प्रधानमंत्री का यह रूप केवल एक परिधान नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत को संजोने और स्थानीय कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।
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