TCS नासिक में 'कॉर्पोरेट जिहाद'? मलेशियाई कनेक्शन, धर्मांतरण और यौन शोषण!
क्या देश की सबसे प्रतिष्ठित आईटी कंपनी का दफ्तर अब सुरक्षित नहीं रहा? क्या काम करने वाली बेटियों को करियर के नाम पर धर्मांतरण और यौन शोषण के दलदल में धकेला जा रहा है? जी हां महाराष्ट्र के नासिक से आई खबर ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे बड़े नाम की आड़ में चल रहा था एक ऐसा खेल, जिसे अब 'कॉर्पोरेट जिहाद' कहा जा रहा है। जिसमें 18 से 25 साल की मासूम लड़कियां, टीम लीडरों की प्रताड़ना और सरहद पार मलेशिया से संदिग्ध नेटवर्क जुड़ा था।
दरअसल, 18 से 25 साल की पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया है कि पिछले 2-3 सालों से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। लड़कियों के पहनावे और शारीरिक बनावट पर अश्लील कमेंट्स किए जाते थे। उन्हें अपनी धार्मिक पहचान छोड़कर दूसरे धर्म की रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर किया जाता था। इस मामले में एक दुष्कर्म और छेड़खानी के कई केस दर्ज हुए हैं। आरोप है कि वरिष्ठ सहकर्मियों ने लड़कियों की व्यक्तिगत मजबूरियों का फायदा उठाकर उनका शिकार किया। इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मलेशिया कनेक्शन सामने आया। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह सिर्फ दफ्तर का विवाद नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क हो सकता है।
WhatsApp चैट से खुलासा हुआ है कि मलेशिया में बैठा इरमान नाम का शख्स वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों से बात करता था और उन्हें निर्देश देता था। SIT अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस पूरे धर्मांतरण गिरोह को सरहद पार से पैसा मिल रहा था। वहीं नासिक पुलिस ने इस मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए फिल्मी अंदाज में काम किया। महिला पुलिसकर्मियों ने सफाई कर्मचारी बनकर कंपनी के अंदर एंट्री ली और सबूत जुटाए।
वहीं इस मामले में अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं और 12 पीड़ितों की पहचान हुई है। साथ ही 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब एक फरार HR अधिकारी की तलाश कर रही है। वहीं दूसरी तरफ विवाद बढ़ता देख टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने बयान जारी किया है कि वे किसी भी तरह के दबाव या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करते। कंपनी ने आरोपियों को निलंबित कर दिया है और पुलिस जांच में सहयोग की बात कही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई बहुत देर से नहीं हुई?
आपको बता दें नासिक की इस घटना ने उन हजारों माता-पिता को डरा दिया है जिनकी बेटियां घर से दूर बड़े शहरों में काम करती हैं। अगर एक प्रतिष्ठित कंपनी के दफ्तर में 'इरमान' जैसे लोग वीडियो कॉल के जरिए लड़कियों का ब्रेनवॉश कर सकते हैं, तो फिर सुरक्षा के दावों का क्या? क्या यह सिर्फ एक ऑफिस की बात है या इसके पीछे कोई बहुत बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है? पुलिस और SIT की जांच जारी है, और मलेशिया वाले इस 'इरमान' का असली चेहरा सामने आना अभी बाकी है।


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