जापान की टेक्नोलॉजी और भारत का टैलेंट: मिलकर रचेंगे नई क्रांति – पीएम मोदी

जब टेक्नोलॉजी का बेमिसाल अनुभव और टैलेंट का अथाह समुद्र एक साथ आते हैं, तो सिर्फ साझेदारी नहीं, क्रांति जन्म लेती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के दौरान कुछ ऐसा ही ऐलान हुआ है। टोक्यो में आयोजित भारत-जापान जॉइंट इकोनॉमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा, वह केवल शब्द नहीं, आने वाले दशक की दिशा का ऐलान था।
"जापान की तकनीक और भारत की प्रतिभा — यह कॉम्बिनेशन पूरी दुनिया की तस्वीर बदल सकता है।" – ये शब्द एक भरोसे की गूंज थे, जो भारत की नई उड़ान की घोषणा कर रहे थे।
भारत-जापान: टेक्नोलॉजी और टैलेंट की जोड़ी
भारत और जापान का रिश्ता केवल डिप्लोमैसी का नहीं, अब वह विकास और विश्वास का बन चुका है। पीएम मोदी ने मंच से साफ कहा कि भारत और जापान मिलकर अब सिर्फ प्रोजेक्ट्स नहीं, भविष्य बना रहे हैं। उन्होंने जापानी कंपनियों से आह्वान किया –
"भारत में निर्माण करो, और दुनिया के लिए बनाओ!"
दोनों देशों ने मिलकर सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़े और साहसिक कदम उठाए हैं। साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा और हरित भविष्य के लिए एक जॉइंट क्रेडिट मैकेनिज्म पर भी समझौता हुआ है। यह साझेदारी अब सोलर पैनल या इलेक्ट्रिक वाहन तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य के ब्लूप्रिंट तक जा पहुंची है।
निवेश और विश्वास – दोनों में जबरदस्त बढ़त
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में ही जापानी कंपनियों ने भारत में 13 अरब डॉलर का निवेश किया है। ये आंकड़े सिर्फ फंडिंग नहीं दिखाते, यह भरोसे का प्रमाण हैं — एक ऐसी अर्थव्यवस्था में भरोसा, जो स्थिर है, पारदर्शी है और तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम ने बताया कि जापान की लगभग 80% कंपनियां भारत में अपने कारोबार का विस्तार करना चाहती हैं और 75% से अधिक पहले से ही मुनाफे में हैं।
भारत: दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दहलीज पर
पीएम मोदी ने मंच से यह भी कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भारत जल्द ही तीसरे पायदान पर होगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत में आज राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक स्थिरता और नीति की स्पष्टता है — यही तीन स्तंभ निवेशकों के लिए सबसे बड़ी ताकत हैं।
नई क्रांति की शुरुआत
जापान की तकनीकी महारत और भारत की युवा शक्ति — यह मेल सिर्फ व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि एक वैश्विक क्रांति की नींव है। यह साझेदारी भविष्य की तकनीकों की जननी बनेगी और एक ऐसा मॉडल रचेगी जिसे पूरी दुनिया अपनाना चाहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी का जापान दौरा सिर्फ एक विदेश नीति का अध्याय नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी और आर्थिक भविष्य की मजबूत पटकथा है। भारत और जापान की यह जोड़ी, 'ड्रैगन और टाइगर' के गठबंधन जैसी ताकतवर बन रही है — जहां एक ओर टेक्नोलॉजी की धार है, वहीं दूसरी ओर टैलेंट की भरमार। अब वक्त है क्रांति का, एक नई वैश्विक क्रांति का… जिसका नेतृत्व भारत और जापान मिलकर करेंगे।
No Previous Comments found.