बजट 2026: एआई, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग पर उद्योग की उम्मीदें

नई दिल्ली: अगले वर्ष के संघीय बजट 2026 से टेक उद्योग को बड़ी उम्मीदें हैं। विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग, और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए बजट में सहूलियतों की संभावना पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

1. एआई और डेटा सेंटर पर जोर

टेक्नोलॉजी क्षेत्र चाहता है कि भारत एआई और डेटा सेंटर में ग्लोबल हब बने। इसके लिए नीतिगत समर्थन और निवेश को प्रोत्साहित करने वाले उपायों की उम्मीद है। खासकर पावर सप्लाई, नियामक स्पष्टता, और प्रोत्साहन ऐसे क्षेत्र हैं जहां सरकार की मदद की आवश्यकता है।

2. बिजली और स्थिरता में सहयोग

डेटा सेंटर सामान्य क्लाउड सर्वर की तुलना में लगभग 5-6 गुना अधिक ऊर्जा का उपयोग करते हैं। इस कारण सस्ती और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, ग्रीन एनर्जी विकल्प और तेज़ अनुमोदन प्रक्रियाओं की मांग है।
इसके अलावा, उन्नत कूलिंग तकनीक और कार्बन‑फुटप्रिंट कम करने वाले उपायों पर टैक्स ब्रेक और प्रोत्साहन की भी उम्मीद है।

3. नियामक स्पष्टता और डेटा संप्रभुता

नए कानून जैसे DPDP एक्ट ने डेटा लोकलाइजेशन और क्रॉस-बॉर्डर डेटा फ्लो को प्रभावित किया है। उद्योग यह चाहता है कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए स्पष्ट और सरल दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।

4. मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन मजबूती

बजट से यह भी उम्मीद की जा रही है कि आयात निर्भरता कम हो और घरेलू सप्लाई चेन मजबूत हो। लगभग 100 प्रमुख उत्पाद ऐसे हैं जिनमें भारत अभी भी आयात पर निर्भर है। इन क्षेत्रों में सस्ती क्रेडिट, क्रेडिट गारंटी, और टैरिफ सुरक्षा जैसे उपायों की मांग है।
MSME सेक्टर को समर्थन देना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के लगभग आधे निर्यात में योगदान देता है।

5. सेमिकंडक्टर और महत्वपूर्ण खनिज

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में प्रगति हुई है, लेकिन सेमिकंडक्टर उत्पादन अभी भी पिछड़ा हुआ है। बजट में चिप निर्माण और दुर्लभ खनिज संसाधन के लिए समर्थन देने की उम्मीद है, ताकि भारत की वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत हो सके।

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