अजित पवार की बारामती में Learjet 45 विमान दुर्घटना: “सुपर लाइट जेट” की खासियत
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों को लेकर जा रहा Learjet 45XR विमान 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी लोग की मौत हो गई।
इस घटना ने एक बार फिर Learjet 45 और इसे सुपर लाइट जेट क्यों कहा जाता है, इस पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है।
Learjet 45 क्या है?
Learjet 45 एक छोटा, दो इंजन वाला बिजनेस जेट है, जिसे Bombardier कंपनी के Learjet ब्रांड के तहत बनाया गया है। यह विमान मुख्य रूप से कॉर्पोरेट और वीआईपी यात्रा के लिए इस्तेमाल होता है।
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यह विमान 6 से 8 यात्रियों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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इसकी क्रूज स्पीड लगभग 850 किलोमीटर प्रति घंटे है और यह 50,000 फीट की ऊँचाई तक उड़ सकता है।
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छोटे एयरपोर्ट्स और छोटे से मध्यम दूरी के मार्गों के लिए यह उपयुक्त है।
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इसकी केबिन में यात्रियों की सुविधा के लिए आरामदायक सीटें और वॉशरूम मौजूद हैं।
Learjet 45 को “सुपर लाइट जेट” क्यों कहते हैं?
विमानों को उनके वजन, आकार, रेंज और प्रदर्शन क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। Learjet 45 को सुपर लाइट जेट इसलिए कहा जाता है क्योंकि:
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हल्का और छोटा डिज़ाइन – यह बड़े बिजनेस जेट्स से छोटा है, लेकिन सबसे छोटे जेट्स की तुलना में ज्यादा सक्षम है।
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अच्छी दूरी और तेज़ उड़ान – लगभग 3-4 घंटे की उड़ान या 1,700–2,300 नाविक मील की दूरी तय कर सकता है।
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उच्च क्रूज स्पीड और आसान चढ़ाई – इसकी एयरोडायनामिक डिजाइन और इंजन इसे तेज और कुशल बनाते हैं।
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आरामदायक केबिन – छोटे आकार के बावजूद यात्रियों के लिए आराम और सुविधा का ध्यान रखा गया है।
सरल शब्दों में, Learjet 45 छोटे आकार, तेज़ गति, पर्याप्त रेंज और आराम का संतुलन प्रदान करता है।
बारामती दुर्घटना का संक्षिप्त विवरण
विमान VT-SSK रजिस्ट्रेशन वाला Learjet 45XR था और यह VSR Aviation की चार्टर फ्लाइट का हिस्सा था। यह विमान लगभग 16 साल पुराना था।
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इससे पहले 2023 में इसी प्रकार का Learjet 45 मुंबई एयरपोर्ट पर रनवे से बाहर निकल गया था, लेकिन उसमें कोई हताहत नहीं हुआ था।
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प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, दृश्यता और लैंडिंग की कठिन परिस्थितियां इस दुर्घटना में भूमिका निभा सकती हैं।
वर्तमान में इस हादसे की जाँच जारी है।
Learjet 45 एक आधुनिक सुपर लाइट जेट है जो छोटे से मध्यम दूरी के लिए तेज़ और आरामदायक यात्रा प्रदान करता है। लेकिन बारामती हादसा यह दिखाता है कि उच्च तकनीक और गति के बावजूद सुरक्षा और मौसम की परिस्थितियों पर ध्यान देना कितना जरूरी है।


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