आधार और PAN डेटा डार्क वेब पर सिर्फ ₹500 में बिक रहा है, जानें कैसे सुरक्षित रहें
भारत में हाल ही में एक चिंताजनक खबर सामने आई है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय नागरिकों की संवेदनशील जानकारी — जैसे नाम, पता,फोन नंबर, फोटो, आधार नंबर और PAN कार्ड नंबर — डार्क वेब (Dark Web) पर केवल ₹500 रुपये में बेची जा रही है।इस घटना ने तकनीक प्रेमियों और सामान्य नागरिकों दोनों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
डाटा लीक कैसे हुआ?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का डेटा लीक कई कारणों से हो सकता है:
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कमजोर साइबर सुरक्षा
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अनधिकृत तृतीय‑पक्ष ऐप्स को जानकारी देना
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फ़िशिंग वेबसाइटों पर डेटा भरना
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कर्मचारियों या सिस्टम से चोरी
इन कारणों से आपका निजी डेटा अनजाने में डार्क वेब पर पहुँच सकता है।
डार्क वेब क्या है?
डार्क वेब इंटरनेट की एक गुप्त परत है, जहाँ आम ब्राउज़र से पहुंचना संभव नहीं होता। यहाँ अक्सर चोरी किया गया डेटा, नकली दस्तावेज़ और अवैध सेवाएं खरीदी-बेची जाती हैं।
सुरक्षा के उपाय
आप अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए निम्न उपाय कर सकते हैं:
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मजबूत पासवर्ड और मल्टी‑फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का इस्तेमाल करें।
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Aadhaar/PAN से जुड़े OTP और PIN किसी के साथ साझा न करें।
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केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट पर डेटा दर्ज करें।
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Aadhaar में बायोमेट्रिक लॉक जैसी सुरक्षा फीचर्स चालू करें।
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सार्वजनिक Wi‑Fi नेटवर्क्स पर निजी डेटा का उपयोग न करें।
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किसी भी साइबर अपराध की घटना होने पर तुरंत cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
क्यों है यह गंभीर?
अगर यह डेटा गलत हाथों में चला गया, तो:
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आपकी पहचान चोरी हो सकती है
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बैंक और वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है
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जालसाज़ आपके नाम पर फर्जी कंपनियां या ऋण ले सकते हैं
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GST और अन्य सरकारी प्रक्रिया में दिक्कतें आ सकती हैं
इसलिए नागरिकों को सतर्क रहना और अपने डेटा की सुरक्षा के उपाय करना अत्यंत आवश्यक है।
Aadhaar और PAN डेटा की सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है; हर नागरिक को अपनी पहचान और निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने होंगे। ऑनलाइन सतर्कता, मजबूत पासवर्ड, और आधिकारिक प्लेटफ़ॉर्म का ही उपयोग सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।


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