Telegram पर पायरेसी पर सरकार सख्त, अवैध फिल्म-वेब सीरीज हटाने के निर्देश

भारत में ऑनलाइन पायरेसी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को अवैध रूप से साझा किए जा रहे फिल्म और वेब सीरीज के कंटेंट को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ रही पायरेसी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पायरेसी को लेकर बढ़ी चिंता

पिछले कुछ वर्षों में टेलीग्राम पर ऐसे कई चैनल और ग्रुप सामने आए हैं जो नई फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपी शेयर करते हैं। कई बार किसी फिल्म या वेब सीरीज के रिलीज होने के कुछ ही घंटों के भीतर उसका अवैध वर्जन टेलीग्राम चैनलों पर उपलब्ध हो जाता है। इससे फिल्म इंडस्ट्री और OTT प्लेटफॉर्म को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

OTT प्लेटफॉर्म्स की शिकायत

कई प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म्स ने इस मुद्दे को लेकर सरकार से शिकायत की है। इनमें Amazon का प्लेटफॉर्म Amazon Prime Video और Reliance Industries से जुड़ा JioCinema भी शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म्स का कहना है कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपी टेलीग्राम पर बड़ी संख्या में शेयर की जा रही है।

हजारों चैनल जांच के दायरे में

जांच के दौरान हजारों टेलीग्राम चैनल ऐसे पाए गए हैं जो कॉपीराइट का उल्लंघन करते हुए पायरेटेड कंटेंट साझा कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार करीब 3,000 से अधिक चैनल इस गतिविधि में शामिल पाए गए। इन चैनलों पर फिल्में, वेब सीरीज और अन्य डिजिटल कंटेंट मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा था।

सरकार के निर्देश

सरकार ने टेलीग्राम से कहा है कि ऐसे सभी चैनलों और कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कॉपीराइट कानून का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म या चैनलों के खिलाफ आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

फिल्म इंडस्ट्री को राहत की उम्मीद

फिल्म निर्माताओं और OTT प्लेटफॉर्म्स को उम्मीद है कि इस कदम से ऑनलाइन पायरेसी पर कुछ हद तक नियंत्रण लगाया जा सकेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ पायरेसी भी तेजी से बढ़ी है, जिससे मनोरंजन उद्योग को लगातार नुकसान हो रहा है।

ऑनलाइन पायरेसी को रोकना सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। टेलीग्राम को भेजे गए निर्देश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। यदि इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है तो फिल्मों और वेब सीरीज की अवैध शेयरिंग पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

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