दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी: 3 घंटे में विस्फोट का दावा

दिल्ली विधानसभा को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राजधानी की सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। ईमेल के जरिए भेजी गई इस धमकी में दावा किया गया था कि कुछ ही घंटों के भीतर विधानसभा भवन को विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा।

धमकी भरा ईमेल कब और क्या मिला?

सूत्रों के अनुसार, यह धमकी भरा ईमेल सुबह करीब 11:12 बजे दिल्ली विधानसभा को प्राप्त हुआ था। मेल में दावा किया गया था कि अगले तीन घंटे के भीतर परिसर में साइनाइड गैस से भरे 15 RDX बम विस्फोट किए जाएंगे। इस गंभीर संदेश के सामने आते ही प्रशासन ने बिना देरी किए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए।

तुरंत खाली कराया गया परिसर

धमकी की जानकारी मिलते ही विधानसभा परिसर को तुरंत खाली कराया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई और आसपास के क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की जांच

इसके बाद बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। भवन के अंदर और बाहर हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई, लेकिन इस दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक सामग्री, संदिग्ध वस्तु या खतरनाक संकेत नहीं मिला।

पुलिस की शुरुआती जांच में क्या सामने आया?

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह धमकी पूरी तरह फर्जी प्रतीत हुई है। मौके पर किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा उल्लंघन के संकेत नहीं पाए गए। हालांकि, पुलिस ने इसे हल्के में नहीं लिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को जांच सौंप दी गई है।

साइबर टीम की जांच जारी

अब साइबर क्राइम टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। तकनीकी विशेषज्ञ IP एड्रेस, सर्वर लॉग और डिजिटल ट्रेल के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह ईमेल किसने और कहां से भेजा गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी संगठित शरारत या डर फैलाने की साजिश का हिस्सा है।

पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां

यह पहला मामला नहीं है जब दिल्ली विधानसभा को इस तरह की धमकी मिली हो। पिछले कुछ समय में कई बार ऐसे फर्जी धमकी भरे ईमेल सामने आ चुके हैं। कभी स्कूलों को, तो कभी अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को भी निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं के कारण कई बार पूरे शहर में अलर्ट जारी करना पड़ा है और बड़े स्तर पर सुरक्षा जांच करनी पड़ी है।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती

बार-बार मिल रही ऐसी फर्जी धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। हर बार पूरी इमरजेंसी व्यवस्था सक्रिय करनी पड़ती है, जिससे संसाधनों पर दबाव बढ़ता है। साथ ही असली खतरे और फर्जी अलर्ट के बीच अंतर करना भी एक मुश्किल काम बन जाता है। इसके बावजूद अधिकारियों का कहना है कि हर धमकी को गंभीरता से लेना जरूरी है ताकि किसी भी वास्तविक खतरे को समय रहते रोका जा सके।

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