जापान में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी अलर्ट जारी: 80 सेंटीमीटर ऊंची लहरों से दहशत
जापान एक बार फिर तेज भूकंप के झटकों से दहल उठा है। देश के तटीय क्षेत्रों में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया, जिसके बाद समुद्र में हलचल बढ़ गई और कई इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गईभूकंप का केंद्र सैनरिकु तट से लगभग 100 किलोमीटर दूर समुद्र के भीतर था। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। झटके इतने तेज थे कि तटीय इलाकों में कुछ ही मिनटों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मियाको बंदरगाह में दर्ज हुई 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी
जापान मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप के बाद मियाको बंदरगाह में 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहर दर्ज की गई। हालांकि यह ऊंचाई बड़ी विनाशकारी नहीं मानी जाती, लेकिन लगातार लहरों की आशंका ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि होक्काइडो और इवाते क्षेत्रों में भी सुनामी की नई लहरें पहुंच सकती हैं, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
समुद्र में हलचल, जहाजों की वापसी के वीडियो वायरल
भूकंप और सुनामी अलर्ट के बाद समुद्र में भी स्थिति असामान्य हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में जहाजों को तेजी से तट की ओर लौटते हुए देखा गया। यह दृश्य स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
जापान के सरकारी प्रसारक NHK के मुताबिक, आओमारी प्रांत के पास समुद्र में भी सुनामी की गतिविधि दर्ज की गई है, जिसके बाद तटीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा बढ़ाई गई
भूकंप के बाद सरकार ने एहतियात के तौर पर ओनागावा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। वैज्ञानिक लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
प्रधानमंत्री की अपील
जापान की प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। साथ ही लोगों से शांत रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।
जापान में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। इसका मुख्य कारण इसका भौगोलिक स्थान है।
जापान चार प्रमुख टेक्टॉनिक प्लेटों के ऊपर स्थित है और यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। यहां पृथ्वी की प्लेटें लगातार एक-दूसरे से टकराती और खिसकती रहती हैं, जिससे भूकंप आते हैं।
इसी वजह से जापान में हर साल औसतन 1500 से अधिक भूकंप दर्ज किए जाते हैं
जापान में आया यह ताजा भूकंप एक बार फिर यह साबित करता है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी अचानक और शक्तिशाली हो सकती हैं। हालांकि मजबूत आपदा प्रबंधन और समय पर चेतावनी प्रणाली के कारण बड़े नुकसान को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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