उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर सुधार की मांग, एड. विवेक कुमार पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एडवोकेट विवेक कुमार पाण्डेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में प्रदेश के मिशनरी विद्यालयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा, शिक्षा में पारदर्शिता तथा भारतीय सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर चुनौतियों का सामना कर रही है और कुछ शैक्षणिक संस्थानों के कार्यकरण को लेकर समय-समय पर उठने वाली शिकायतों के मद्देनज़र निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

एड. विवेक कुमार पाण्डेय ने अपने ज्ञापन में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी भी शैक्षणिक संस्था में प्रलोभन या दबाव से संबंधित गतिविधियों की शिकायतें मिलती हैं, तो उन पर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इसके साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21-A एवं 28 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक विकास नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की अनिवार्य धार्मिक गतिविधियों से परहेज किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि प्रदेश में संस्कृत विद्यालयों और पारंपरिक शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं तथा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UP Board) की गुणवत्ता सुधार हेतु ठोस कदम उठाए जाएं।

एड. पाण्डेय ने सुझाव दिया कि आवश्यक होने पर उच्च स्तरीय जांच समिति या विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर प्रदेश भर में संचालित शैक्षणिक संस्थानों की व्यापक समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप और अधिक सशक्त बनाया जाना आवश्यक है।

सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह इस ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक नीतिगत एवं प्रशासनिक कदम उठाए।

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