लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन

लखनऊ में अवैध इमारत में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के 12 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।

कार्रवाई की जद में शहर के कई बड़े और चर्चित कोचिंग संस्थान भी आए। कृष्णा नगर और हजरतगंज स्थित एलन, कपूरथला का ग्रेविटी, गवर्नमेंट एग्जाम वाला और पैरामाउंट जैसे संस्थानों पर प्रशासन की सख्ती देखने को मिली। छापेमारी की खबर मिलते ही कई संचालकों ने अपने सेंटर बंद कर दिए और मौके से गायब हो गए।अचानक हुई कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ा। कई छात्र सड़कों पर भटकते नजर आए। नेशनल पीजी कॉलेज के छात्र आशंकित ने कहा कि वह कोचिंग में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन हालिया अग्निकांड ने उनके मन में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

उधर, जिस इमारत में आग लगी थी, वहां LDA ने नोटिस चस्पा कर दिया है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि भवन को 7 जुलाई को ध्वस्त किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जांच में सामने आया है कि यह भवन रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला का है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए वीरेंद्र शुक्ला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

अग्निकांड के बाद जवाबदेही भी तय की जा रही है। LDA के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 18 अन्य अधिकारियों के खिलाफ शासन को नोटिस भेजा गया है। प्रशासनिक कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर में कितनी इमारतें बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के संचालित हो रही हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन की यह सख्ती सिर्फ कुछ दिनों तक सीमित रहती है या फिर पूरे शहर में सुरक्षा मानकों को लागू कराने के लिए स्थायी अभियान चलाया जाता है।

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