मानसून में इन्वर्टर की देखभाल क्यों है जरूरी? इन आसान उपायों से बढ़ेगी बैटरी की उम्र
बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक तो लाता है, लेकिन इस दौरान बढ़ी हुई नमी और बार-बार होने वाली बिजली कटौती इन्वर्टर पर अतिरिक्त दबाव डालती है। यदि समय रहते इसकी देखभाल न की जाए तो बैटरी का बैकअप घट सकता है और सिस्टम में खराबी आने की आशंका भी बढ़ जाती है। कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप इन्वर्टर को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रख सकते हैं।
सूखी और हवादार जगह पर रखें इन्वर्टर
इन्वर्टर और बैटरी को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां नमी कम हो और हवा का अच्छा प्रवाह बना रहे। इन्हें सीधे फर्श पर या दीवार से पूरी तरह सटाकर रखने से बचें। इससे ओवरहीटिंग और नमी से होने वाले नुकसान का खतरा कम रहता है।
बैटरी के पानी की नियमित जांच करें
यदि आपके इन्वर्टर में ऐसी बैटरी है जिसमें पानी भरना पड़ता है, तो हर 45 से 60 दिन के बीच उसका वाटर लेवल जरूर जांचें। जरूरत पड़ने पर केवल डिस्टिल्ड पानी का ही इस्तेमाल करें। सामान्य या आरओ का पानी बैटरी की कार्यक्षमता पर असर डाल सकता है।
टर्मिनल साफ रखें
बैटरी के टर्मिनलों पर जंग या सफेद-हरी परत जमा होने लगे तो उसे समय पर साफ कराएं। साथ ही इन्वर्टर की बाहरी सफाई सूखे और मुलायम कपड़े से करें। गीले कपड़े का इस्तेमाल करने से बचें।
जरूरत से ज्यादा लोड न डालें
बिजली जाने के दौरान इन्वर्टर पर केवल जरूरी उपकरण ही चलाएं। एयर कंडीशनर, गीजर, हीटर और माइक्रोवेव जैसे अधिक बिजली खपत वाले उपकरणों को इन्वर्टर से चलाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से बैटरी पर दबाव बढ़ता है और उसकी उम्र कम हो सकती है।
समय-समय पर कराएं जांच
वायरिंग, कनेक्शन और इन्वर्टर की सामान्य स्थिति की समय-समय पर जांच कराना भी जरूरी है। छोटी-छोटी समस्याओं को समय रहते ठीक कराने से बड़ी खराबी और अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।
मानसून के दौरान थोड़ी सी सावधानी आपके इन्वर्टर की कार्यक्षमता बनाए रखने के साथ-साथ बैटरी की उम्र भी बढ़ा सकती है। नियमित देखभाल से बिजली कटौती के समय बेहतर बैकअप मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
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