कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार पंच, तीन गोल्ड के साथ पदकों का अंबार
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का विजय अभियान लगातार जारी है। रविवार को भारत ने तीन और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी दावेदारी को और मजबूत कर दिया। महिला मुक्केबाज जैस्मिन लांबोरिया और प्रीति पवार ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज करते हुए तिरंगा शान से लहराया, जबकि सोमन राणा ने पैरा शॉटपुट में गोल्ड जीतकर देश की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया।
57 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जैस्मिन लांबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकाएला वॉल्स को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की सवाना डोलमागो को मात देकर गोल्ड अपने नाम किया। दोनों मुक्केबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया और फाइनल में भी अपने दबदबे को कायम रखा।
उधर, पैरा शॉटपुट में सोमन राणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। उनके गोल्ड के साथ भारत के खाते में अब कुल आठ स्वर्ण पदक हो गए हैं। भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 30 पहुंच गई है और टीम इंडिया पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गई है।
हालांकि, पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में भारत को हल्की निराशा हाथ लगी। जादुमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिकसन के खिलाफ फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
लेकिन भारतीय बॉक्सिंग टीम का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। रविवार को सात और भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90+ किग्रा) के पास भारत की झोली में और गोल्ड डालने का मौका होगा।
अब पूरे देश की निगाहें इन मुकाबलों पर टिकी हैं। यदि भारतीय मुक्केबाज अपनी लय बरकरार रखते हैं, तो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का स्वर्णिम सफर और भी यादगार बन सकता है।
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