Chrome यूजर्स सावधान! ब्राउजर में मिलीं 5 गंभीर खामियां, हैकर्स कर सकते हैं रिमोट अटैक
नई दिल्ली: अगर आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में Google Chrome का इस्तेमाल करते हैं, तो ब्राउजर को अपडेट करने में देरी न करें। भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने Chrome के डेस्कटॉप वर्जन में मिली कई गंभीर सुरक्षा कमजोरियों को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन खामियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर प्रभावित डिवाइस पर दूर से खतरनाक कोड चला सकते हैं और सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
Google ने इन समस्याओं को दूर करने के लिए Chrome का नया Stable अपडेट जारी कर दिया है। कंपनी के अनुसार, इस अपडेट में कुल 5 हाई-सीवेरिटी सिक्योरिटी फिक्स शामिल हैं। ये कमजोरियां Chrome के V8, TabStrip, Extensions, HTML और Blink जैसे अलग-अलग हिस्सों से संबंधित हैं।
पुराने Chrome वर्जन यूजर्स पर खतरा
सुरक्षा चेतावनी Windows, macOS और Linux पर चलने वाले Chrome के पुराने वर्जन के लिए है। Windows और Mac पर 151.0.7922.137/.138 से पुराने बिल्ड, जबकि Linux पर 151.0.7922.137 से पुराने वर्जन प्रभावित हैं। ऐसे यूजर्स के सिस्टम में सुरक्षा जोखिम बना रह सकता है।
Google ने जिन पांच कमजोरियों को ठीक किया है, वे सभी Use-After-Free प्रकार की हैं। आसान भाषा में समझें तो मेमोरी को गलत तरीके से इस्तेमाल करने से पैदा होने वाली ऐसी समस्या हमलावर के लिए सिस्टम में अनधिकृत गतिविधि का रास्ता खोल सकती है।
एक लिंक से भी शुरू हो सकता है हमला
इन सुरक्षा खामियों का फायदा उठाने के लिए हमलावर यूजर को विशेष रूप से तैयार किए गए वेब कंटेंट या वेबपेज तक पहुंचने के लिए मजबूर कर सकता है। यदि कमजोर Chrome वर्जन पर ऐसा कंटेंट खोला जाता है, तो हमलावर मनमाना कोड चलाने या ब्राउजर को क्रैश कराने जैसी गतिविधियां कर सकता है।
ऐसे हमलों में सबसे बड़ी चिंता यह है कि यूजर को हर बार किसी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती। एक तैयार किया गया वेबपेज भी कमजोर ब्राउजर के लिए खतरा बन सकता है।
पांच सुरक्षा खामियां किन हिस्सों में मिलीं?
Google के सुरक्षा अपडेट में पांच हाई-सीवेरिटी कमजोरियों का उल्लेख किया गया है। इनमें V8, TabStrip, Extensions, HTML और Blink से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। Google ने इन्हें CVE-2026-19556 से CVE-2026-19560 तक के रूप में दर्ज किया है।
इन कमजोरियों के सफल इस्तेमाल की स्थिति में रिमोट कोड एग्जीक्यूशन और Denial-of-Service (DoS) जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यानी हमलावर सिस्टम पर अनधिकृत कोड चलाने की कोशिश कर सकता है या किसी सेवा को बाधित कर सकता है।
कैसे पता करें कि Chrome अपडेट है या नहीं?
Chrome का वर्जन जांचना बेहद आसान है। इसके लिए ब्राउजर खोलकर ऊपर दाईं तरफ मौजूद तीन डॉट वाले मेन्यू पर क्लिक करें। इसके बाद Help और फिर About Google Chrome में जाएं। यहां Chrome उपलब्ध अपडेट की जांच करेगा।
अगर अपडेट मौजूद है, तो उसे डाउनलोड होने दें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद Relaunch पर क्लिक करें। ब्राउजर दोबारा शुरू होने के बाद नया सुरक्षा अपडेट प्रभावी हो जाएगा।
यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
Chrome में यह अपडेट सिर्फ नए फीचर्स के लिए नहीं है, बल्कि इसमें महत्वपूर्ण सुरक्षा सुधार भी शामिल हैं। इसलिए अपडेट को लंबे समय तक टालना सही नहीं है। खासकर वे लोग जो ब्राउजर से ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, ईमेल, ऑफिस के काम या अन्य संवेदनशील सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अपने ब्राउजर का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल करना चाहिए।
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