इस बार 15 अगस्त पर डबल सेलिब्रेशन:देशभक्ति के साथ छाएगा तीज का रंग
सावन की फुहारें, हरे-भरे पेड़, झूलों की पींग, हाथों में रची मेहंदी और भक्ति से सजे गीत—हरियाली तीज आते ही पूरा वातावरण जैसे उत्सव में बदल जाता है।
हरियाली तीज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, आस्था, सौंदर्य और सावन की जीवंतता का उत्सव है। भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम और समर्पण से जुड़ा यह पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन व्रत, पूजा और प्रार्थना के साथ सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की मंगलकामना की जाती है।
जब सावन धरती को हरा कर दे...
हरियाली तीज का नाम ही इसकी सबसे खूबसूरत पहचान है। बारिश की बूंदों से निखरी प्रकृति, पेड़ों पर नई हरियाली और वातावरण में घुली मिट्टी की सौंधी खुशबू इस पर्व को खास बना देती है।
लेकिन यह हरियाली केवल प्रकृति की नहीं है। तीज मन की हरियाली का भी पर्व है। जैसे बारिश धरती को नया जीवन देती है, वैसे ही भक्ति और सकारात्मक भाव मन को नई ऊर्जा देते हैं।
झूले, मेहंदी और गीतों में बसी तीज

तीज की रौनक बिना झूलों के अधूरी सी लगती है। सखियों के साथ झूला झूलना, सावन के गीत गाना, हाथों में मेहंदी सजाना और हरे रंग के परिधान पहनना इस पर्व की खूबसूरत परंपराएं हैं।
इन लोक परंपराओं में केवल उत्सव नहीं, बल्कि स्त्री के मन की भावनाएं, प्रेम, उम्मीद और उल्लास भी झलकता है। यही वजह है कि पीढ़ियां बदलने के बावजूद तीज का आकर्षण आज भी बरकरार है।
भक्ति में मिलता है उत्सव का आनंद
हरियाली तीज का आध्यात्मिक पक्ष इसे और विशेष बनाता है। पूजा-पाठ और प्रार्थना के साथ भगवान के नाम का स्मरण, भजन और संकीर्तन वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं।
सामूहिक भक्ति में एक अलग तरह की ऊर्जा होती है। जब अनेक लोग एक साथ भगवान का नाम लेते हैं, भजन गाते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं, तो उत्सव व्यक्तिगत खुशी से आगे बढ़कर सामूहिक आनंद और आध्यात्मिक जुड़ाव का रूप ले लेता है।
इस तीज, सिर्फ श्रृंगार नहीं—सकारात्मकता भी
मेहंदी का रंग गहरा हो, चूड़ियों की खनक सुनाई दे और झूले आसमान को छूते नजर आएं—इन सबके बीच तीज हमें अपने भीतर की खुशियों को भी महसूस करने का अवसर देती है।
इस हरियाली तीज पर क्यों न हम एक संकल्प लें—
प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने का, रिश्तों में प्रेम बनाए रखने का और अपने मन को भक्ति एवं सकारात्मकता से भरने का।
क्योंकि तीज की असली खूबसूरती सिर्फ हरे परिधानों और सजे-धजे आंगन में नहीं, बल्कि उस हरे-भरे भाव में है जो मन में प्रेम, श्रद्धा और उम्मीद को जीवित रखता है।
इस हरियाली तीज, सावन को सिर्फ देखिए नहीं—उसे महसूस कीजिए।
झूलों में उल्लास, गीतों में प्रेम और भक्ति में शांति खोजिए।
हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनाएं!
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