तेजस्वी का सम्राट चौधरी पर बड़ा हमला-"गुजराती भाइयों के इशारे पर चलेगा बिहार!"

बिहार की राजनीति में आरोपों की आग एक बार फिर भड़क उठी है। जी हां नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सूबे की नई सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ऐसा बयान दिया है, जिसने पटना से लेकर दिल्ली तक खलबली मचा दी है। तेजस्वी का सीधा आरोप है कि बिहार अब बिहारियों के हाथ से निकलकर गुजराती भाइयों के इशारे पर चलेगा। उन्होंने दांव लगाया है कि बिहार की सत्ता तो सम्राट चौधरी के पास है, लेकिन उसकी रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठाई जा रही है। अपराध से लेकर आरक्षण तक, तेजस्वी ने सरकार की घेराबंदी करते हुए तीखे सवालों की बौछार कर दी है।

दरअसल, तेजस्वी यादव ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि बिहार की प्रशासनिक मशीनरी को अब प्रधानमंत्री कार्यालय से नियंत्रित किया जाएगा। उनका कहना है कि सम्राट चौधरी के मुख्य सचिव के तौर पर दिल्ली से किसी चहेते अधिकारी को भेजा जा रहा है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा, "मुख्यमंत्री बन तो गए हैं, लेकिन उन्हें सत्ता चलाने की समझ नहीं है। जो गुजराती भाई कहेंगे, वही सम्राट चौधरी करेंगे। अब बिहार का भविष्य दिल्ली के गलियारों में तय होगा।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के गृह राज्य का हवाला देते हुए पूरी सरकार को 'रिमोट कंट्रोल सरकार' करार दिया है। महिला आरक्षण को लेकर तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को ज्ञान की कमी का हवाला देते हुए घेरा। उन्होंने पूछा कि जो बिल तीन साल पहले सर्वसम्मति से पास था, उसे राष्ट्रपति के पास क्यों नहीं भेजा गया? तेजस्वी का आरोप है कि महिला आरक्षण के नाम पर सरकार दरअसल परिसीमन का खेल खेलना चाहती है। विपक्ष को डर है कि सरकार अपने हिसाब से उन सीटों की काट-छांट करेगी जहां विपक्ष मजबूत है। 

वहीं पटना में हुई ज्वेलरी दुकान में बड़ी लूट को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार की कानून व्यवस्था पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बीजेपी का मुख्यमंत्री बनते ही अपराधियों की मौज आ गई है। तेजस्वी ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब नए-नवेले मुख्यमंत्री जुबान से अपराध खत्म करेंगे या फिर अपराधी की जाति देखकर बयान जारी करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अब कानून का नहीं, बल्कि अपराधियों का इकबाल बुलंद हो रहा है और सरकार केवल अनुकूल-प्रतिकूल बयानों में उलझी हुई है। 

वहीं इस घटनाक्रम की बात करें तो पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। श्री लक्ष्मी अलंकार ज्वेलर्स में पांच हथियारबंद अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचे। सभी ने हेलमेट पहन रखा था ताकि पहचान न हो सके। पिस्टल के दम पर उन्होंने दुकान में मौजूद ग्राहकों और मालिक धनंजय कुमार को बंधक बना लिया। जब मालिक ने विरोध किया, तो उन पर हमला कर घायल कर दिया गया। महज पांच मिनट के भीतर लुटेरे करीब 20 लाख रुपये के गहने समेटकर फरार हो गए। इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जाहिर है तेजस्वी यादव का यह हमला न केवल राजनीतिक है, बल्कि उन्होंने इसे बिहारी बनाम बाहरी और नीति बनाम समझ के मोड़ पर ला खड़ा किया है। जहां एक ओर बीजेपी नितिन नवीन जैसे नेताओं का हवाला देकर खुद को बिहारी हितैषी बता रही है, वहीं तेजस्वी ने गुजराती राज का नैरेटिव सेट करके बड़ी सियासी लकीर खींच दी है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपराध के ग्राफ और तेजस्वी के इन तीखे सवालों का जवाब धरातल पर कैसे देते हैं। बिहार की ये सियासी जंग अब और भी दिलचस्प और तल्ख होने वाली है! 

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