वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ धरने पर बैठे तेजस्वी यादव.
Adarsh Kanoujia
वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर पटना में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है. इस बिल के खिलाफ बुधवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत कई मुस्लिम संगठन सड़क पर उतरे। इस विरोध प्रदर्शन को समर्थन करने के लिए पार्टी चीफ लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव खुद धरना स्थल पर पहुंचे थे.
तेजस्वी ने कहा-राजद इस बिल के विरोध में रहेगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव ने विरोध प्रादर्शन के दौरान कहा कि लोगों को इस बिल के खिलाफ खड़ा होना होगा. कई दल इस बिल का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन, आरजेडी हमेशा मुस्लिम समाज के साथ खड़ी है। इस बिल के जरिए देश को तोड़ने और भाईचारा खत्म की साज़िश की जा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा, "हमारी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), हमारे नेता लालू प्रसाद यादव बीमार होने के बावजूद... आपका समर्थन करने के लिए यहां हैं. हमें सत्ता में होने की परवाह नहीं है और हम इस गैर-संवैधानिक विधेयक का पुरजोर विरोध करेंगे. हमने संसद और विधानसभा में भी इस विधेयक का विरोध किया था।
क्या है मुस्लिम संगठनों का कहना-
बता दें, मुस्लिम संगठन इस बिल का हमेशा से विरोध करते आए है। उनका मानना है कि अगर ये बिल पास होता है तो मस्जिद और दगरगाह खतरे में पड़ जाएंगे। इससे पहले मुस्लिम संगठनों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। जिसके बाद अब यह पटना में हुआ है। बिहार में चुनाव होने वाला है, ऐसे में यह प्रोटेस्ट काफी अहम होने वाला है।
एआईएआईएम का भी प्रदर्शन-
मुस्लिम संगठनों के अलावा ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन भी इस बिल का विरोध कर रही है. ऐसे में इस प्रदर्शन में एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमान गर्दनीबाग ने भी शिरकत की थी।
क्या है वक्फ संशोधन बिल-
बीते दिनों संसद में एक नया विधेयक लाया गया जो 1995 के वक्फ कानून में बदलाव करेगा। इस संबंध में संयुक्त समिति की रिपोर्ट पर संसद के सदनों में चर्चा चल रही है। इसका मकसद वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता लाने के साथ महिलाओं को इन बोर्ड में शामिल करना है। सरकार के अनुसार मुस्लिम समुदाय के भीतर से उठ रही मांगों को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। हाल ही में कैबिनेट की ओर से समीक्षा किए गए इस विधेयक का उद्देश्य मौजूदा वक्फ अधिनियम के कई खंडों को रद्द करना है। ये रद्दीकरण मुख्य रूप से वक्फ बोर्डों के मनमाने अधिकार को कम करने के उद्देश्य से हैं, जो वर्तमान में उन्हें अनिवार्य सत्यापन के बिना किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में दावा करने की अनुमति देता है। राजनीतिक दलों के बीच इस बिल को लेकर तीखी बहस छिड़ी है।
इसलिए लाया जा रहा नया बिल-
यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को बेहतर बनाने और उनमें पारदर्शिता लाने के लिए लाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से हो सकेगा और लोगों को इसका ज्यादा फायदा मिलेगा। विपक्ष का कहना है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन है। उनका आरोप है कि सरकार वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना चाहती है। अब देखना यह है कि लोकसभा में इस विधेयक पर क्या होता है।

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