"चुनाव आयोग बीजेपी का कठपुतली": तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, सुप्रीम कोर्ट मार्च पर टिकी निगाहें

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को राजनीतिक सरगर्मी उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गई जब विभिन्न विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को लगातार कुचला जा रहा है और चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर काम कर रहा है।

बिहार से शुरू हुई थी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ लड़ाई

मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सबसे पहले लड़ाई की शुरुआत बिहार से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से सत्ता पक्ष के हाथों की कठपुतली बन चुका है और अब यह बात किसी से छिपी नहीं है कि किस तरह से वोटों की कथित हेराफेरी को अंजाम दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए जो भी बलिदान देना पड़े, हम उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

ममता बनर्जी, दीपेंद्र हुड्डा और संजय सिंह के तीखे तेवर

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी मांग केवल और केवल न्याय की है, जो जनता और मानवता के हित में है। वहीं, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर चुनावी परिणामों को प्रभावित कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली समेत पूरे देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, जहां छात्रों और पत्रकारों तक को नहीं बख्शा जा रहा। इन तमाम विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर मध्य दिल्ली में सुरक्षा के अति-रिकॉर्ड कड़े इंतजाम किए गए हैं, जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए हैं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच मेट्रो स्टेशनों के गेट भी सीमित किए गए हैं।

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