“तेजस्वी प्रण” या मोदी-नीतीश का “संकल्प पत्र 2025”...क्या होगा जनता का जनादेश
बिहार में राज्य की 243 सीटों पर सियासी जंग अपने चरम पर है, और इस बार महिलाओं का वोट बैंक फिर से चुनावी रण में निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है। बिहार में करीब 3.5 करोड़ महिला मतदाता हैं, जो कुल 7.41 करोड़ वोटरों का लगभग 50% हिस्सा हैं। ऐसे में महागठबंधन और एनडीए दोनों ही गठबंधनों ने अपने घोषणा पत्रों में महिलाओं को केंद्र में रखकर वादों की झड़ी लगा दी है। लेकिन बड़ा सवाल है—इन वादों में दम कितना है?
महागठबंधन का ‘तेजस्वी प्रण’-
तेजस्वी यादव ने ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ नाम से घोषणा पत्र जारी किया है, जिसमें महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा संबंधी सशक्तिकरण पर जोर दिया गया है।
माई-बहिन मान योजना:
राज्य की हर महिला को 2,500 रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
जीविका दीदियों को सरकारी दर्जा:
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काम करने वाली जीविका दीदियों को नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा और 30,000 रुपये मासिक वेतन देने की घोषणा की गई है।
महिला सुरक्षा और रोजगार मिशन:
हर जिले में महिला हेल्पडेस्क और विशेष थानों को सशक्त किया जाएगा, साथ ही महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने के लिए ‘महिला रोजगार मिशन’ शुरू किया जाएगा।
एनडीए का ‘संकल्प पत्र 2025’-
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ‘संकल्प पत्र’ में महिलाओं को “आर्थिक स्वावलंबन की रीढ़” बताते हुए कई योजनाओं की घोषणा की है।
महिला मिशन करोड़पति / लखपति दीदी योजना:
1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ और चयनित महिला उद्यमियों को ‘करोड़पति’ बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना:
महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देकर स्वरोजगार शुरू करने का अवसर दिया जाएगा, ताकि वे छोटे उद्योग या व्यवसाय स्थापित कर सकें।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा:
सरकार आने वाले 5 वर्षों में महिलाओं को बैंक लोन, प्रशिक्षण और डिजिटल मार्केटिंग की सुविधाएं देकर आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में काम करेगी।
दोनों ही गठबंधनों ने महिलाओं को अपने एजेंडे का केंद्र बनाया है। अब देखना यह होगा कि बिहार की सियासत में महिलाओं की उम्मीदें किस ओर झुकती हैं...तेजस्वी यादव के “तेजस्वी प्रण” की ओर या मोदी-नीतीश के “संकल्प पत्र 2025” की तरफ।

No Previous Comments found.