भिवंडी मनपा द्वारा छह माह में 74 से अधिक झोलाछाप डॉक्टर को पकड़ा गया, तीन और गिरफ्तार।
भिवंडी : निजामपुर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। हाल ही में शहर के शांतिनगर और गायत्रीनगर इलाकों से तीन झोलाछाप डॉक्टरों को धर दबोचा गया, जो बिना किसी डिग्री और दस्तावेज़ के क्लीनिक चलाकर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम भीमराव ज्ञानवा कावडे (49), मोहम्मद शमीम सिद्दीकी (52) और मोहम्मद अयूब मोहम्मद हनीफ (30) बताए गए हैं। इनके पास से एलोपैथिक दवाइयाँ और चिकित्सा उपकरण बरामद हुए। तीनों पर महाराष्ट्र प्रैक्टिशनर एक्ट-1961 की धारा 33, 36 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत शांतिनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
भूमिगत हो रहे झोलाछाप
मनपा स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि फरवरी से अब तक 74 से अधिक बोगस डॉक्टरों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही छापेमारी से झोलाछाप डॉक्टरों में दहशत फैल गई है और कई भूमिगत होने लगे हैं।
मजदूर बस्तियों में फैल रहा जाल
भिवंडी जैसे मजदूर बाहुल्य शहर में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है। ये बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री के गरीब और अनजान मरीजों से भारी रकम ऐंठते हैं तथा अनियमित दवाइयाँ देकर उनकी जान जोखिम में डालते हैं। अब तक ऐसे फर्जी इलाज की वजह से कई मौतें भी हो चुकी हैं।
मनपा का अभियान जारी रहेगा
मनपा आयुक्त अनमोल सागर के निर्देशानुसार तथा चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप गाडेकर के मार्गदर्शन में डॉ. जयवंत धुले, डॉ. प्रिया फडके, डॉ. राजकुमार शर्मा और डॉ. शोएब अंसारी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। शांतिनगर पुलिस का सहयोग इसमें अहम साबित हो रहा है।
नागरिकों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत चिकित्सक से इलाज न कराएं और यदि ऐसे फर्जी डॉक्टरों की जानकारी मिले तो तुरंत मनपा को सूचित करें।
रिपोर्टर : मुस्तकीम खान

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