महाराष्ट्र पुलिस की उत्कृष्ट कार्यप्रदर्शन पर सम्मान, फरवरी 2026 के पुरस्कार घोषित
ठाणे : महाराष्ट्र पुलिस विभाग की ओर से फरवरी 2026 के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित “सर्वश्रेष्ठ गुणात्मक अन्वेषण” और “सर्वश्रेष्ठ अपराधसिद्धि” पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस बार गोंदिया जिला पुलिस और ठाणे शहर पुलिस के जांच दलों को उनके सराहनीय कार्य के लिए चुना गया है।
गोंदिया जिले के सालेकसा पुलिस थाने की टीम ने बिना किसी प्रत्यक्ष गवाह के, केवल घटनास्थल पर मिली एक रस्सी के आधार पर माइक्रो फाइनेंस कर्मचारी की हत्या का जटिल मामला सुलझाया। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। इस उत्कृष्ट और चुनौतीपूर्ण जांच के लिए गोंदिया पुलिस को “सर्वश्रेष्ठ गुणात्मक अन्वेषण” पुरस्कार के लिए चुना गया।
वहीं ठाणे के दिवा खाड़ी क्षेत्र में लोहे की पेटी में हाथ-पैर बंधी अवस्था में मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में शील-डायघर पुलिस ने गोपनीय जानकारी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच टीम द्वारा जुटाए गए ठोस और वस्तुनिष्ठ साक्ष्यों तथा अदालत में पेश की गई मजबूत दलीलों के चलते आरोपियों के खिलाफ अपराध संदेह से परे सिद्ध हुआ। इस केस में 25 फरवरी 2026 को सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस सफल कानूनी कार्रवाई के लिए ठाणे पुलिस को “सर्वश्रेष्ठ अपराधसिद्धि” पुरस्कार प्रदान किया गया।
10 अप्रैल 2026 को राज्य के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते के हाथों गोंदिया पुलिस के निरीक्षक भूषण बुराडे, पुरुषोत्तम अहेरकर, उपनिरीक्षक किशोर मावसकर, पुलिस हवालदार विठ्ठलप्रसाद ठाकरे और पुलिस नाईक दिनेश जांभुळकर को “सर्वश्रेष्ठ गुणात्मक अन्वेषण” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं ठाणे शहर पुलिस के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक रामचंद्र काशीनाथ मोहिते और उनके सहयोगी पुलिस हवालदार सचिन माधव सावळे को “सर्वश्रेष्ठ अपराधसिद्धि” पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सभी सम्मानित अधिकारियों को नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना की गई, साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
रिपोर्टर - साबीर शेख

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