पुणे एक्सप्रेसवे पर 'मिसिंग लिंक' परियोजना 1 मई से शुरू, भारी वाहनों की एंट्री फिलहाल बंद
ठाणे : मुंबई और पुणे के बीच सफर को तेज और सुगम बनाने वाली बहुप्रतीक्षित यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का कार्य पूरा हो गया है। यह नया मार्ग 1 मई 2026 से आम वाहनों के लिए शुरू किया जाएगा। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) और पुलिस प्रशासन ने इस मार्ग पर चरणबद्ध तरीके से यातायात शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 1 मई 2026 से 31 मई 2026 तक केवल हल्के मोटर वाहन (LMV), बसें और यात्री वाहन ही इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इस अवधि में मालवाहक और भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। दूसरे चरण में 1 जून 2026 से हल्के वाहन और बसों के लिए मार्ग खुला रहेगा, जबकि मालवाहक वाहनों को अनुमति देने पर फैसला शुरुआती छह महीने के निरीक्षण के बाद लिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर ज्वलनशील, विस्फोटक या खतरनाक सामग्री ले जाने वाले हाज़मैट (HAZ-MAT) वाहनों को इस परियोजना के सुरंग मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को पुराने एक्सप्रेसवे मार्ग का ही उपयोग करना होगा।
प्रशासन के अनुसार सुरंग क्षेत्र में हल्के वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा और बसों व अन्य यात्री वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस नए मार्ग के शुरू होने से घाट सेक्शन में लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और मुंबई-पुणे यात्रा का समय काफी कम होगा। यह आदेश 1 मई 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
रिपोर्टर - साबीर शेख


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