सी न्यूज़ भारत की खबर का असर: मनीषा पोल के संघर्ष से शिक्षिका को मिला न्याय
बदलापुर : बदलापुर में चर्चित शिक्षण सेवक प्रकरण में आखिरकार न्याय मिल गया है। C News Bharat वेबसाइट पर प्रसारित खबर के बाद मामले ने तूल पकड़ा और सामाजिक कार्यकर्ता मनीषा पोल के नेतृत्व में हुए आंदोलन को बड़ी सफलता मिली। जिला परिषद ठाणे के प्राथमिक शिक्षा विभाग ने संबंधित मुख्याध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी कर सख्त रुख अपनाया है।
इस मामले में शिक्षण सेवक श्रीमती सुगंधा बालकृष्ण पाटील (देवयानी दीपक देसले) ने आरोप लगाया था कि नियुक्ति आदेश होने के बावजूद उन्हें स्कूल की उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने से रोका गया। इतना ही नहीं, पिछले 12 महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मामला सामने आने के बाद मनीषा पोल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए आंदोलन छेड़ा। “मजदूर दिवस पर किसी कामगार को भूखा नहीं रहने देंगे,” इस चेतावनी के साथ उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर भी भारी जनआक्रोश देखने को मिला।
प्राथमिक जांच में मुख्याध्यापक द्वारा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल नोटिस जारी किया है। संबंधित अधिकारियों को 8 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
आंदोलन के बाद प्रशासन ने प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत:
12 महीनों का लंबित वेतन जारी करने की प्रक्रिया शुरू
शिक्षण सेवक को नियमित उपस्थिति का अधिकार
संबंधित अधिकारियों पर जांच और कार्रवाई
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश
मनीषा पोल के इस संघर्ष ने बदलापुर के शिक्षा क्षेत्र में एक मजबूत संदेश दिया है कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर न्याय मिल सकता है। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में संतोष का माहौल है और नागरिक इसे केवल एक शिक्षिका ही नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था की जीत मान रहे हैं।
रिपोर्टर - साबीर शेख

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