ठाणे रिंग मेट्रो पर बवाल! 3000 पेड़ों की कटाई और सड़कों के बीच स्टेशन—जाम घटेगा या बढ़ेगा?
ठाणे : ठाणे शहर में प्रस्तावित रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक ओर इस मेट्रो से सफर आसान होने की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब स्थानीय रहिवासी ही इसके खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। लोगों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है।
सड़कों के बीच स्टेशन, बढ़ेगी ट्रैफिक समस्या?
Maha Metro द्वारा प्रस्तावित यह रिंग मेट्रो शहर के अंदरूनी हिस्सों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है। खासतौर पर Ghodbunder Road जैसे व्यस्त मार्ग को इससे कनेक्ट किया जाएगा।
लेकिन विवाद की जड़ यह है कि मेट्रो लाइन भले ही एलिवेटेड (ऊंचाई पर) होगी, मगर इसके स्टेशन और खंभे सड़क के बीचों-बीच बनाए जाएंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे सड़कें और संकरी हो जाएंगी और जाम की समस्या बढ़ेगी।
स्कूल और अस्पताल के पास स्टेशन—खतरे की घंटी?
हिरानंदानी मेडोज, रोडास, रुतु एस्टेट और हिरानंदानी एस्टेट के रहिवासियों ने मेट्रो अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी चिंता जताई। उनका कहना है कि जिन जगहों पर स्टेशन प्रस्तावित हैं, वहां पहले से ही स्कूल, अस्पताल और पैदल चलने वालों की भारी भीड़ रहती है।
इस मुद्दे पर विधायक Sanjay Kelkar भी बैठक में मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर समाधान निकालने के निर्देश दिए।
3000 पेड़ों की कटाई से नाराज़गी
इस प्रोजेक्ट के लिए Thane Municipal Corporation ने करीब 3000 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराज़गी है।
12,200 करोड़ का प्रोजेक्ट, 29 किमी लंबा रूट
ठाणे रिंग मेट्रो करीब 29 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 12,200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह रूट एक ओर Ulhas River और दूसरी ओर Sanjay Gandhi National Park के पास से गुजरेगा।
क्या वाकई जरूरत है इस मेट्रो की?
कुछ रहिवासियों का मानना है कि शहर में पहले से ही सड़क नेटवर्क मजबूत है और Mumbai Metro Line 4 का काम भी अंतिम चरण में है। ऐसे में नई रिंग मेट्रो की जरूरत पर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल, ठाणे रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट विकास और पर्यावरण के बीच टकराव का बड़ा उदाहरण बनता जा रहा है।
अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन जनता की चिंताओं को कैसे दूर करते हैं या यह विरोध और तेज़ होता है।
रिपोर्टर - साबीर शेख


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