बिहार के चुनावी रण में यूपी के सूरमा झोकेंगे ताकत
जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव की तारिखे करीब आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के लिए अपनी ताकत झोंकना शुरू कर दी है। बिहार के राजनीतिक दल चुनाव प्रसार में लगे हुए है लेकिन अब उत्तर प्रदेश की सियासत के दो सूरमा भी इस चुनावी दंगल में शामिल होने जा रहे है। जिसमें से एक ने तो एनडीए गठबंधन के लिए वोट अपील शुरु कर दी है वहीं दूसरें सूरमा इस चुनीवी रण में 3 नवंबर से इंडिया गठबंधन के लिए वोट अपील करते दिखेंगे। इसी क्रम में बुधवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिहार में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिहार के सिवान, भोजपुर और बक्सर जिलों में जनसभाएं कर रहे है। सुबह 10 बजे लखनऊ से विशेष विमान से गोरखपुर पहुंचने के बाद वे बिहार के सिवान जिले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के राजपुर खेल मैदान में पहली जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। यहां से एनडीए के प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह के पक्ष में प्रचार किया। इसी सीट से आरजेडी ने दिवंगत बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब को मैदान में उतारा है। यानी इस सीट पर सीएम योगी आतंक और खौफ की राजनीति के खिलाफ सख्त प्रशासन की छवि के साथ प्रचार करते नजर आए।
बताते चलें कि बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्टार प्रचारक के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मैदान में उतारा है।
सीएम योगी की निगाहे राजपूत और भूमिहार मतदाताओं पर
सीएम योगी अपनी चुनावी सभाओं के ज़रिए राजपूत और भूमिहार मतदाताओं को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। पार्टी उनकी सख्त प्रशासक वाली छवि को सामने रखकर एनडीए के विकास एजेंडे को मजबूती देने की कोशिश में जुटी है।
अखिलेश की 3 नवंबर को तीन जनसभाएं
वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी बिहार के चुनावी रण में उतरने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव 3 नवंबर को बिहार में तीन जनसभाएं करेंगे पहली पूर्वी चंपारण में, दूसरी सिवान के रघुनाथपुर में ओसामा शाहाब के समर्थन में और तीसरी कैमूर जिले में अजीत सिंह के पक्ष में। चुनाव प्रचार में उनकी पत्नी और कन्नौज की सांसद डिंपल यादव भी हिस्सा लेंगी। सपा ने बिहार चुनाव के लिए 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें अखिलेश और डिंपल यादव दोनों के नाम शामिल हैं।
इस बार भी सपा नही लड़ेगी चुनाव-
हालांकि सपा इस बार भी बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रही है, बल्कि इंडिया गठबंधन को समर्थन दे रही है। बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव के परिवार से रिश्तेदारी और विपक्षी एकता की रणनीति के चलते सपा ने प्रत्यक्ष रूप से चुनाव से दूरी बनाई है। वहीं, महागठबंधन अखिलेश यादव जैसे नेताओं के माध्यम से अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग मतदाताओं में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होने वाले मतदान से पहले बिहार का सियासी तापमान अब चरम पर पहुंच चुका है—जहां सीएम योगी अपनी सख्त छवि और विकास कार्यों के नाम पर वोट मांग रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव रिश्तेदारी और गठबंधन की एकजुटता के सहारे मैदान में उतरेंगे।
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