ये उनका बड़प्पन है, वो मेरी औलाद जैसे अजीज हैं-पूर्व मंत्री आजम खान
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान जेल से रिहा होने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। अटकलें तेज हैं कि आजम खान बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम सकते हैं, हालांकि इस पर अभी किसी भी ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच खबर है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को रामपुर पहुंचकर आजम खान से मुलाकात कर सकते हैं। इस संभावित मुलाकात को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
आजम खान ने कहा, वो मेरी औलाद जैसे अजीज हैं
अखिलेश यादव के मिलने आने की चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए आजम खान ने कहा, "ये उनका बड़प्पन है, वो मेरी औलाद जैसे अजीज हैं। मैं उनके वालिद (मुलायम सिंह यादव) का दोस्त रहा हूं। अगर वो नहीं आ सके तो मैं चला जाऊंगा। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद अगर कोई मिलने आता है तो यह इंसानियत है, सियासत नहीं।
एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में आजम खान ने कहा कि, "मेरे सम्मान में कभी कोई कमी नहीं रही। लेकिन लीडर वही होता है जो लीडर की तरह पेश आए। ‘लीडर मस्ट बी लीडर’।" साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह किसी को कोई सफाई देने की स्थिति में नहीं हैं, और न ही किसी को सफाई देने के लिए मजबूर हैं।
अखिलेश यादव के प्रति अपने सम्मान को दोहराते हुए आजम खान ने कहा, "मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं, उनसे मोहब्बत करता हूं, क्योंकि मैं उनके वालिद से बेपनाह इश्क करता था।" उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो वे विधायक, सांसद या मंत्री बनने के लिए तरसते हैं और न ही किसी के आगे झुकते हैं।
2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर आजम खान ने तीखा बयान देते हुए कहा, "अगर मैं मर गया होता तो शायद पार्टी को और ज्यादा सीटें मिल जातीं।" उन्होंने कहा कि भले ही उनका चुनाव में कोई प्रत्यक्ष योगदान नहीं रहा, लेकिन जेल में रहना ही उनका बड़ा योगदान था।
साफ शब्दों में बोलते हुए आजम खान ने कहा कि वे न किसी को धोखा देते हैं, न झूठ बोलते हैं, न फरेब करते हैं और न ही जालिम से घबराते हैं। "कभी धोखा खा लेता हूं, लेकिन देता नहीं," ऐसा कहकर उन्होंने अपने पुराने बेबाक अंदाज में संदेश दे दिया कि वे आज भी अपने उसूलों पर कायम हैं।

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