मुकेश अम्बानी हुए आउट! TikTok क्रिएटर झांग यिमिंग बने एशिया के नए वेल्थ किंग....

एशिया के सबसे अमीर लोगों की हालिया रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसमें TikTok की पैरेंट कंपनी ByteDance के फाउंडर झांग यिमिंग ने संपत्ति के मामले में भारत के बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार झांग यिमिंग की नेटवर्थ लगभग 92.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जबकि Mukesh Ambani की संपत्ति करीब 86.9 बिलियन डॉलर आंकी गई है। इस सूची में पहले स्थान पर Gautam Adani बताए जा रहे हैं, जिनकी नेटवर्थ लगभग 117.4 बिलियन डॉलर बताई गई है (फोर्ब्स की हालिया रैंकिंग के अनुसार)।

झांग यिमिंग की कहानी किसी बड़े कारोबारी परिवार से नहीं, बल्कि एक साधारण पृष्ठभूमि से शुरू होती है। चीन में जन्मे झांग ने पढ़ाई के बाद टेक्नोलॉजी सेक्टर में सामान्य नौकरी से करियर की शुरुआत की थी। शुरुआत में वे एक छोटे से अपार्टमेंट में रहते हुए काम करते थे, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बड़े आइडिया पर काम करना शुरू किया।

उनका शुरुआती बड़ा कदम Toutiao नाम का एक न्यूज ऐप था। यह कोई साधारण न्यूज प्लेटफॉर्म नहीं था, बल्कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एल्गोरिद्म की मदद से हर यूजर को उसकी पसंद के अनुसार कंटेंट दिखाया जाता था। उस समय यह तरीका काफी नया माना गया और इसी ने उन्हें आगे बढ़ने का भरोसा दिया।

इसके बाद 2012 में उन्होंने कंपनी ByteDance की नींव रखी। इस कंपनी का फोकस शुरू से ही डेटा और एल्गोरिद्म आधारित प्लेटफॉर्म बनाने पर रहा, जहां यूजर को उसकी रुचि के अनुसार कंटेंट दिखाया जाता है। यही तकनीक आगे चलकर TikTok का आधार बनी।

TikTok ने सोशल मीडिया की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया। लंबे कंटेंट की जगह छोटे वीडियो का चलन तेजी से बढ़ा और इसका एल्गोरिद्म इतना मजबूत था कि यह जल्दी ही समझ जाता था कि यूजर क्या देखना पसंद करता है। यही वजह है कि कुछ ही सालों में यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले ऐप्स में शामिल हो गया।

हालांकि कई देशों में TikTok को लेकर विवाद भी हुए और कुछ जगहों पर इसे प्रतिबंधित भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद ByteDance की ग्रोथ और वैल्यूएशन लगातार बढ़ती रही। इसी सफलता ने झांग यिमिंग को एशिया के शीर्ष अमीर व्यक्तियों की सूची में पहुंचा दिया।

दिलचस्प बात यह है कि इतनी बड़ी सफलता के बावजूद झांग यिमिंग सार्वजनिक जीवन में बहुत कम दिखाई देते हैं। उन्होंने कंपनी के CEO पद से भी खुद को अलग कर लिया ताकि वे लंबे समय की रणनीति और नए प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे सकें। उनकी सफलता का मुख्य कारण डेटा और यूजर बिहेवियर को समझने की गहरी रणनीति माना जाता है, जिसने टेक इंडस्ट्री में कंटेंट देखने और बनाने का तरीका ही बदल दिया।

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