आत्मज्ञान और आत्म शुद्धि का अवसर देता है दस लक्षण महापर्व
टीकमगढ़ : दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व जिसे हम पर्यूषण पर्व भी कहते हैं यह 28 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलेंगे इस दौरान श्रद्धालु भौतिक सुख सुविधाओं से दूर रहकर तप, त्याग ,संयम के साथ व्रत धारण करते हैं
धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पर्व को मनाने शहर के सभी 18 मंदिर एवं अतिशय क्षेत्र एवं सिद्ध क्षेत्र पपौरा जी आहार जी नवागढ़ जी बंधा जी सहित सभी क्षेत्रों पर तैयारिया हो गई हैं जनता जी ने बताया की दस लक्षण महापर्व जैन धर्म का ऐसा पर्व है जो आत्मा का ध्यान ,आत्म चेतना, आत्म अवलोकन, जागृति ,स्वाध्याय ,करुणा और क्षमा के माध्यम से स्वयं को उन्नत करने का अवसर देता है इसी अवसर पर शहर टीकमगढ़ में बाजार जैन मंदिर में मुनि 108 सोम्य सागर जी महाराज 108 जयंत सागर जी महाराज का चतुर्मास चल रहा है इन दस दिनों में तीन टाइम विशेष प्रवचन का लाभ मिलेगा एवं प्रातः ध्यान भी कराया जाएगा ।
रिपोर्टर : राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव
No Previous Comments found.