टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर का विवादित ऐलान बंगाल में बनेगी बाबरी मस्जिद?
टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर का विवादित ऐलान बंगाल में बनेगी बाबरी मस्जिद?
498 साल चले राम मंदिर का मुद्दा अब हल हो चुका है और धर्मनगरी अयोध्या में राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा भी हो चुकी है और कल धर्मध्वज भी लहरा दी गयी है। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के बाद राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ था और बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के विवाद के पटाक्षेप भी हो गया था दोनों धर्मो के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सहजता के साथ स्वीकार भी कर लिया था। पर एक बार फिर बाबरी मस्जिद का नाम चर्चा में है पर ये चर्चा अयोध्या या यूपी में नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल में हो रही है। आपको बताते चलें कि साल 2026 में पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले बाबरी मस्जिद का नाम लिया गया है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण की आधारशिला रखने का ऐलान किया है।
6 दिसंबर वही तारीख है जब 33 साल पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद तोड़ दी गई थी। हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के विधायक और पूर्व मंत्री हैं। हुमायूं कबीर ने 2021 में भरतपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। इस बार 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने को हैं.और 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने बीजेपी के ईमान कल्याण मुखर्जी को 43 हजार 83 वोटों के मार्जिन से हराया था और हुमायूं कबीर को 96 हजार 226 वोट मिले थे। हुमायूं कबीर ने कहा कि वह 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे. इस दौरान मुस्लिम समाज के कई नेता शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्माण तीन साल में पूरा हो जाएगा। टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि इस कार्यक्रम में कई मुस्लिम मौलानाओं को न्योता दिया जाएगा। बताते चलें कि हुमायूं कबीर बेलडांगा क्षेत्र में काफी असर रखते हैं और मुस्लिम समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं. कबीर पहले भी विवादित बयान और राजनीतिक गतिविधियों के लिए चर्चा में रहे हैं।
वहीं टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के इस विवादित बयान पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं प्रखर हिंदूवादी नेत्री उमा भारती ने कहा है कि इबादत के नाम पर बनी मस्जिद का हम सम्मान करेंगे लेकिन बाबर के नाम से बनी हुई इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था, ईंटे भी गायब हो गई थीं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सलाह देते हुए प्रखर हिंदूवादी नेत्री उमा भारती ने कहा कि, मेरी मित्र ममता बनर्जी जी को सलाह है कि बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की बात कहने वालों पर कार्रवाई करिए, बंगाल एवं देश की अस्मिता एवं सद्भाव के लिए आपकी भी जिम्मेदारी है." हम एक और बाबरी का निर्माण नहीं होंगे देंगे।
अंत में आपको बता दूँ कि मंदिर आंदोलन के दौरान आज से 33 साल पहले 6 दिसंबर 1992 को लाखों कारसेवकों ने अयोध्या में स्थित बाबरी मस्जिद को तोड़ दिया था।हिंदू संगठनों का दावा था कि यह मस्जिद भगवान राम के जन्मस्थान पर मुगल शासक बाबर द्वारा बनवाई गई थी । मुस्लिम संगठन इसे अपनी मस्जिद बताते थे। इस विध्वसं के बाद देश भर में कई जगहों पर साम्प्रदायिक दंगे हुए थे। उसके नबाद सुप्रीम कोर्ट के द्वारा इस मामले का निर्णय किया गया था।फ़िलहाल अब टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ऐसे विवादित बयानों पर रोक लगनी चाहिए जिससे किसी भी सूरत में देश का माहौल ख़राब न हो सके।
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