3,300 साल पुराने तूतनखामुन के सैंडल: दुश्मनों को कुचलने वाला प्राचीन राज
1922 में मिस्र के युवा फाराो तूतनखामुन की कब्र की खोज ने पुरातत्व जगत में हलचल मचा दी थी। सिर्फ 17 साल की उम्र में निधन होने वाले इस फाराो की कब्र से 5,000 से अधिक कीमती वस्तुएं मिली थीं। इनमें सोने का प्रसिद्ध डेथ मास्क, पशु मूर्तियां, हड्डियां, और दर्जनों जोड़ी सैंडल शामिल थीं। लेकिन इनमें से एक जोड़ी सैंडल ने इतिहासकारों और शोधकर्ताओं को हैरान कर दिया।
सैंडल में छिपा राजनीतिक और धार्मिक संदेश
ये सैंडल लकड़ी की बनी थी, जिस पर हरे चमड़े और सोने की पतली परत चढ़ाई गई थी। तलवों पर सफेद पेंट की सतह पर बेहद जटिल चित्र बने थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन चित्रों में दुश्मनों को फाराो के पैरों तले कुचला जा रहा दिखाया गया है।
सैंडल की तलवों पर एशियाई और अफ्रीकी कैदियों को बंधे हुए दर्शाया गया है। उनके हाथ पीछे बंधे हैं और वे लेटे हुए हैं। इनके बीच में लोटस और पेपिरस का चित्र भी है, जो क्रमशः उत्तर और दक्षिण मिस्र का प्रतीक है। प्रत्येक सैंडल पर आठ ‘बो’ (धनुष या हथियार) बने हैं—चार उंगलियों के पास और चार एड़ी के पास। पट्टा भी धनुष के आकार में था, जिससे कुल नौ ‘बो’ बनते हैं।
प्राचीन मिस्र में ‘नाइन बो’ज’ (Nine Bows) दुश्मनों के सामूहिक प्रतीक के रूप में जाने जाते थे। इसका मतलब है कि हर कदम पर फाराो अपने दुश्मनों को कुचलता है, और यह मिस्र की शक्ति और उसकी सर्वोच्चता का प्रतीक है।
सिर्फ सैंडल नहीं, बल्कि संदेश
यह सैंडल सिर्फ पैरों को ढकने के लिए नहीं बनाई गई थी। इसके माध्यम से फाराो का राजनीतिक और धार्मिक संदेश दिया गया—जहां भी वह जाएं, दुश्मन उसके पैरों तले होंगे। यह सैंडल आज काहिरा के इजिप्शियन म्यूजियम में सुरक्षित हैं।
म्यूजियम की सूचना कार्ड पर लिखा है कि इन चित्रों और नाइन बो’ज का उद्देश्य था कि राजा के पैर हमेशा दुश्मनों पर पड़ें, जिससे उनका कुचलना प्रतीकात्मक रूप में साकार हो।
तूतनखामुन का जीवन और रहस्य
तूतनखामुन 18वीं डायनेस्टी का 11वां फाराो था। जन्म नाम तूतनखातेन था, और लगभग 8-9 साल की उम्र में वह सिंहासन पर बैठा। उसके पिता अखेनातेन एक क्रांतिकारी फाराो थे, जिन्होंने मिस्र में एकेश्वरवाद को अपनाया। तूतनखामुन ने नाम बदलकर प्राचीन परंपराओं को बहाल किया।
उसकी पत्नी आंखेसेनामुन उसकी सौतेली बहन थी, और दोनों की जुड़वां बेटियां मृत पैदा हुईं। मृत्यु के कारणों पर विवाद है—कहीं मलेरिया, पैर की हड्डी की बीमारी, हत्या या शिकार हादसा। 2010 की एक JAMA स्टडी में मलेरिया और पैर की समस्या के प्रमाण मिले।
कब्र में ममी के पैरों पर गोल्ड सैंडल और टो कवर भी मिले, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह विशेष सैंडल वास्तव में फाराो ने पहने थे या सिर्फ प्रतीकात्मक थे।
तूतनखामुन के यह 3,300 साल पुराने सैंडल न केवल ऐतिहासिक कला का अद्भुत उदाहरण हैं, बल्कि यह प्राचीन मिस्र की राजनीतिक और धार्मिक सोच को भी उजागर करते हैं। हर डिज़ाइन और हर प्रतीक में फाराो की शक्ति और मिस्र की महत्ता छिपी हुई थी।


No Previous Comments found.