ट्विशा शर्मा केस में CBI का ताबड़तोड़ एक्शन: FIR दर्ज कर शुरू की छापेमारी, बंद कमरों में खंगाले सबूत!
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामला, जिसने न सिर्फ आम जनता बल्कि देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक को हिलाकर रख दिया है। एक तरफ रसूखदार पूर्व जज सास और वकील पति का चक्रव्यूह, तो दूसरी तरफ एक बेबस बेटी के इंसाफ की गुहार! अब इस मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी यानी CBI की धमाकेदार एंट्री हो चुकी है। CBI ने केस हाथ में लेते ही कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। पहले ही दिन क्राइम सीन पर अफसरों की ताबड़तोड़ छापेमारी, बंद कमरों में जांच और आरोपियों पर कसता जा रहा शिकंजा! आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस सनसनीखेज मामले की एक-एक परत, वो आखिरी फोन कॉल का खौफनाक सच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे और वो अनसुलझे सवाल जिनके जवाब अब CBI तलाश रही है।
भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत के मामले में जैसे ही मध्य प्रदेश सरकार ने सिफारिश की, CBI ने तुरंत दिल्ली मुख्यालय से अपनी एक स्पेशल टीम भोपाल के लिए रवाना कर दी। 25 मई 2026 को सीबीआई ने भोपाल पुलिस से केस अपने हाथ में लेते हुए एक नई और कड़क FIR दर्ज की। केस हाथ में लेने के अगले ही दिन सीबीआई की टीम पूरे एक्शन मोड में नजर आई। दो महिला अधिकारियों समेत सीबीआई के आला अफसर तीन गाड़ियों में सवार होकर सीधे मुख्य आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर पहुंचे। जहां सीबीआई की टीम ने करीब 30 मिनट तक घर के भीतर रहकर उस खौफनाक क्राइम सीन का बारीकी से निरीक्षण किया जहां ट्विशा का शव मिला था। टीम ने घटनास्थल से जुड़े हर एक पहलू को खंगाला, सबूत जुटाए और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। हालांकि, जब टीम बाहर निकली तो मीडिया के कैमरों के सामने बिना कुछ बोले, सीलबंद सबूतों के साथ रवाना हो गई।
दरअसल, ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई 2026 की रात को हुई थी, लेकिन मौत से ठीक पहले की कहानी रूह कंपा देने वाली है। सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, घटना की रात 9 बजकर 41 मिनट पर ट्विशा ने अपनी मां को वॉट्सऐप कॉल किया था। बातचीत के दौरान पीछे से उनके पति समर्थ सिंह के बेरहमी से चिल्लाने और झगड़ा करने की आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं। अभी मां कुछ समझ पाती कि अचानक फोन कट गया! इसके बाद घबराए मायके वालों ने ट्विशा, उसके पति और सास को लगातार दर्जनों फोन मिलाए, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। आखिरकार, रात करीब 10 बजकर 35 मिनट पर सास गिरिबाला सिंह ने फोन उठाया, लेकिन उन्होंने कोई तसल्ली देने के बजाय ठंडे लहजे में सिर्फ इतना कहा कि "वह अब दुनिया में नहीं रही", और झटके से फोन काट दिया। इसके बाद पति समर्थ सिंह रात 10 बजकर 20 मिनट पर ट्विशा को लेकर एम्स भोपाल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने कानूनी कागजी कार्रवाई के बाद 13 मई की रात 12 बजकर 5 मिनट पर उसे मृत घोषित कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि रसूख के दबाव में भोपाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में पूरे दो दिन की देरी की और मामला 15 मई को दर्ज किया गया। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरे मामले को और ज्यादा उलझा दिया है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत का कारण एंटीमॉर्टम हैंगिंग यानी जिंदा रहते हुए फंदे पर लटकने की वजह से दम घुटना है। लेकिन, सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि ट्विशा के शरीर के अन्य हिस्सों पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं!
डॉक्टरों के मुताबिक, ये चोटें मौत से ठीक पहले किसी भोथरी चीज या भारी दबाव के कारण लगी थीं। इसका सीधा मतलब है कि फंदे पर लटकने से पहले ट्विशा के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। इसी वजह से पीड़ित परिवार की मांग पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम से ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है ताकि स्थानीय स्तर पर हुई किसी भी गड़बड़ी को पकड़ा जा सके। ट्विशा के परिवार ने अपनी शिकायत में ससुराल वालों की प्रताड़ना की जो कहानी बताई है, वो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देगी। ट्विशा की शादी 9 दिसंबर 2025 को भोपाल के अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। आरोप है कि शादी में क्षमता से अधिक दहेज देने के बाद भी ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। विदाई के समय पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह ने अड़ियल रुख अपनाते हुए 2 लाख रुपये की नगद मांग की, जिसे परिवार ने मजबूरी में दिया। शादी के कुछ दिन बाद ही पति समर्थ और सास कहने लगे कि शादी का खर्च उनके हाई स्टैंडर्ड के लायक नहीं था। ट्विशा को जेब खर्च तक नहीं दिया जाता था और उसे मायके से ऑनलाइन पैसे मंगवाने के लिए मजबूर किया जाता था। वहीं अप्रैल 2026 में जब ट्विशा एक महीने की गर्भवती थी, तो पति और सास ने बच्चे को किसी और का बताते हुए उस पर लांछन लगाया। मई के पहले सप्ताह में उसके चरित्र पर गंभीर आरोप लगाकर इतना मानसिक टॉर्चर किया गया कि उसे अपना गर्भपात कराना पड़ा।
आपको बता दें शायद देश के न्यायिक इतिहास में यह पहला ऐसा मामला बन गया है, जिसमें सोमवार को एक ही दिन देश की तीन बड़ी अदालतों सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और भोपाल जिला कोर्ट में एक साथ सुनवाई चल रही थी। इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि वे इस मामले में एक बिल्कुल निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पक्षों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे बेवजह मीडिया के पास जाकर बयानबाजी न करें, बल्कि अपना पक्ष सीधे सीबीआई के सामने रखें ताकि कानूनी प्रक्रिया प्रभावित न हो। कोर्ट ने मीडिया से भी इस संवेदनशील केस में संयम बरतने की अपील की है। वहीं मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह, जो घटना के बाद 10 दिनों तक फरार था, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर 7 दिन की रिमांड पर लिया था। भोपाल पुलिस जब उसे लेकर उसके घर पहुंची थी, तो वहां से कई अहम दस्तावेज और सीलबंद सबूत बरामद हुए थे, जिसे अब सीबीआई को सौंप दिया गया है। अब सीबीआई इन जलते हुए सवालों के जवाब ढूंढेगी:
ट्विशा के शरीर पर मिले गहरे जख्म और चोट के निशान किसके हमले के हैं?
क्या पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह अपने रसूख का इस्तेमाल कर भोपाल पुलिस की जांच को प्रभावित कर रही थीं?
एफआईआर दर्ज करने में भोपाल पुलिस ने पूरे दो दिन की देरी किसके दबाव में की?
टीवी चैनलों पर इंटरव्यू देकर ट्विशा को नशेड़ी और मानसिक रूप से बीमार बताने के पीछे गिरिबाला सिंह की क्या चाल थी?
क्या इस गहरी साजिश में सिंह परिवार के साथ कोई और रसूखदार मददगार भी शामिल था?
फिलहाल भोपाल का यह हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस अब उस मोड़ पर आ चुका है, जहां से कानून के लंबे हाथों से बच पाना नामुमकिन है। एक तरफ हाई कोर्ट के पूर्व जज का रसूखदार परिवार है, जो अपनी पूरी ताकत लगाकर खुद को बेकसूर साबित करने और मृतका की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाने में जुटा है, तो दूसरी तरफ सीबीआई की वो टीम है जो वैज्ञानिक साक्ष्यों, वॉट्सऐप चैट्स, कॉल डिटेल्स और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सच का गला घोंटने वालों को बेनकाब करने मैदान में उतरी है। सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी और सीबीआई की ताबड़तोड़ एंट्री के बाद अब देश को उम्मीद है कि ट्विशा की रहस्यमयी मौत का सच बहुत जल्द दुनिया के सामने आएगा और गुनहगार चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे सलाखों के पीछे जाना ही होगा।

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