नहीं थम रहा यूजीसी कानून को लेकर विवाद, स्वामी प्रसाद मौर्य ने दी तीखी प्रतिक्रिया...
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) कानून को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस कानून पर रोक लगाए जाने के बाद भी विरोध जारी है। विपक्षी दल अब तक इसे भाजपा सरकार की नाकामी मान रहे हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोला।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जिनकी पूर्व पीढ़ियों ने एससी/एसटी और ओबीसी समाज पर अत्याचार किए, वे आज भी इन समुदायों के साथ भेदभाव, हिंसा और संसाधनों में वंचना को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं। उनके अनुसार, यही लोग यूजीसी समता समिति कानून 2026 का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने एससी/एसटी और ओबीसी समुदाय से अपील की कि ऐसी मानसिकता वाले लोगों को आर्थिक या धार्मिक चढ़ावा देना बंद करें, जिससे उनकी शक्ति अपने आप समाप्त हो जाएगी और यूजीसी कानून का विरोध भी कमजोर होगा।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा पर आरोप लगाया कि सरकार ने यूजीसी कानून को लेकर दिखावा किया कि वह एससी/एसटी और ओबीसी समुदाय को खुश करना चाहती है, लेकिन असल में ऊंची जातियों के विरोध के चलते सुप्रीम कोर्ट में याचिका कर कानून पर रोक लगवा दी। उनके अनुसार, भाजपा यूजीसी समता कानून के माध्यम से सिर्फ दिखावा कर रही थी और असल में इसे लागू होने से रोक रही है।


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