हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन हरियाखेड़ी में वेद मंत्रोच्चार की गूंज के मध्य किया
उज्जैन : 11 फरवरी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 दृष्टिगत किए जा रहे 1133.67 करोड़ की लागत से निर्मित किए जा रहे हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन हरियाखेड़ी में वेद मंत्रोच्चार की गूंज के मध्य किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव की मंशानुरूप हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना अंतर्गत निर्बाध शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए नवीन पाइपलाइन भी डाली जाएगी साथ ही पुरानी पाइपलाइन की जगह नवीन पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी।
हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के जल स्रोत
हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के अंतर्गत सेलारखेड़ी, गंभीर, उंडासा एवं साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत के रूप में उपयोग किया जाएगा जिससे सिंहस्थ के दौरान और उसके बाद भी निर्बाध जल आपूर्ति बनी रहे।
हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना की लागत एवं समय-सीमा
हरियाखेड़ी परियोजना की कुल लागत लगभग ₹1133.67 करोड़ है। परियोजना को 24 माह की निर्धारित समय-सीमा में चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाएगा।
हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के प्रमुख घटक
हरियाखेडी एवं गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है। अंबोदिया (70 एमएलडी), गौघाट (80 एमएलडी) एवं हरियाखेड़ी (100 एमएलडी) में नए जल शोधन संयंत्रों का निर्माण, जिनकी कुल क्षमता 250 एमएलडी होगी। उक्त जल शोधन यंत्री से मौजूदा 7 जल शोधन संयंत्रों (कुल 151 एमएलडी क्षमता) को मजबूत एवं उन्नत किया जाएगा।
परियोजना अंतर्गत 600 से 3000 किलो लीटर क्षमता के 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत 708 किमी पाइपलाइन जिसमें लगभग 534 किलोमीटर लंबा नया वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा पुरानी एसीपी पाइपलाइन भी बदली जाएगी।
परियोजना से 49,087 नए घरेलू जल सेवा कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे।
शुद्ध पानी के लिए 150 से 800 मि.मी. व्यास की क्लियर वॉटर पाइपलाइन (लगभग 136 किलोमीटर) बिछाई जाएगी। पानी के लिए 900 से 1300 मि.मी. व्यास की रॉ वॉटर पाइपलाइन (लगभग 39.75 किलोमीटर) का निर्माण किया जाएगा।
हरियाखेड़ी परियोजना का महत्व
सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना। शहर की दीर्घकालिक जल सुरक्षा को मजबूत करना। पुरानी पाइपलाइन बदलकर जल हानि को कम करना। हर घर तक जल आपूर्ति सुनिश्चित कर स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शहर की समग्र व्यवस्था में सुधार करना है।
जनसंख्या एवं जल आवश्यकता
सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन शहर की प्रभावी जनसंख्या लगभग 9.65 लाख तथा मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21.83 लाख अनुमानित है। दिव्य राजसी स्नान के दिनों में एक ही दिन में लगभग 228 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। उज्जैन के निकट बसे लगभग 20 ग्रामों को भी योजना में शामिल किया गया है। ये ग्राम नगरीय विस्तार क्षेत्र में स्थित होने के कारण भविष्य में जल मांग में महत्वपूर्ण योगदान करेंगे। उक्त परियोजना सिंहस्थ 2028 के पश्चात उज्जैन शहर की वर्ष 2055 तक की जल आपूर्ति आवश्यकताओं को पूर्ण करने में सक्षम होगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पौधारोपण भी किया
रिपोर्टर : यशपाल दीक्षित

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