संभागायुक्त श्री सिंह की अध्यक्षता में विक्रमोत्सव 2026 की तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित हुई
उज्जैन : संभागायुक्त श्री आशीष सिंह की अध्यक्षता में विक्रमोत्सव 2026 की तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, स्वराज संस्थान संचालनालय, संस्कृति विभाग एवं उज्जैन जिला प्रशासन के सहयोग से विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन किए जाने पर चर्चा की गई। बैठक में संभागायुक्त श्री सिंह द्वारा निर्देश दिए गए कि विक्रमोत्सव 2026 का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरुप भव्यरूप से किया जाना है। इसके लिए सभी विभाग अपनी ओर से पूर्ण तैयारी समय से पूर्व कर ले।
बैठक में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने जानकारी दी कि विक्रमोत्सव 2026 का शुभारंभ 15 फरवरी से हो रहा है। 15 फरवरी को सुबह 10 बजे कलश यात्रा निकलेगी। वहीं सायं 7:30 बजे पोलिटेक्निक कॉलेज परिसर में सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की "शिवोऽहम" की प्रस्तुति होगी। विक्रमोत्सव अंतर्गत 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
कलेक्टर सभागृह में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, श्री नरेश शर्मा, कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज एवं अन्य विभागों के अधिकारी और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
12 से 16 फरवरी महाकाल वन मेला का आयोजन
विक्रमोत्सव के अंतर्गत 12 से 16 फरवरी 2026 तक दशहरा मैदान पर महाकाल वन मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेला के अंतर्गत हर्बल उत्पादों और संबंधित प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन एवं प्रस्तुतिकरण, कच्चे हर्बल और संस्कृत उत्पादों की भविष्य में खरीद बिक्री के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर, देश प्रदेश के कच्चे पर संस्कृत हर्बल उत्पादों को बेचने खरीदने का अवसर, पारंपरिक हर्बल ज्ञान के क्षेत्र में नवाचारों और उद्यमिता की एक झलक, आयुर्वेदिक डॉक्टर द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।
15 फरवरी से 19 मार्च तक पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर प्रदर्शनियों का आयोजन
विक्रमोत्सव अंतर्गत 15 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है। प्रदर्शनी का अवलोकन प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से किया जा सकेगा।
15 से 19 मार्च तक विक्रम व्यापार मेले का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 15 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में विक्रम व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से मेले में अवलोकन किया जा सकेगा। व्यापार मेले में वाहन विक्रय स्टॉल, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का विक्रय, बैंक फाइनेंस की सुविधा, क्षेत्रीय कला एवं शिल्प की प्रदर्शनियां, विभिन्न माध्यमों के पारंपरिक शिल्पों का मेला, हथकरघा एवं टेक्सटाइल, देशज व्यंजन के स्टॉल रहेंगे। मेले का आयोजन सुक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, परिवहन विभाग द्वारा किया जाएगा।
15 से 19 मार्च तक अनादि पर्व का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 15 से 19 मार्च 2026 तक अनादि पर्व के अंतर्गत अवंती महाजनपद के श्रेष्ठतम लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में प्रतिदिन सांय 7:30 बजे से दी जाएगी। अनादिपर्व में सहभागिता संयोजन संस्कृति संचालनालय की रहेगी।
16 से 25 फरवरी तक विक्रम नाट्य समारोह का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 16 से 25 फरवरी 2026 तक विक्रम नाट्य समारोह का आयोजन पं. सूर्यनारायण व्यास कला संकुल, कालिदास संस्कृत अकादमी पर प्रतिदिन साय 7:30 बजे से किया जाएगा। दस दिवसीय इस विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गयी प्रस्तुतियां जटायुवधम्, चारुदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल हैं। इसके साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।
26 से 28 फरवरी तक इतिहास समागम
विक्रमोत्सव के तहत 26 से 28 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से पं. सूर्यनारायण व्यास कला संकुल, कालिदास संस्कृत अकादमी पर वृहत्तर भारत में संस्कृति साहित्य और पुरातत्व विषय पर इतिहास समागम का आयोजन किया जाएगा। इतिहास समागम का संयोजन अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली द्वारा किया गया है।
26 से 28 फरवरी में होगा पुतुल समारोह
विक्रमोत्सव के तहत 26 से 28 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अभिरंग सभागार, कालिदास संस्कृत अकादमी में पुतुल समारोह आयोजित होगा। भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियां होगी।
28 फरवरी और 01 मार्च को वैचारिक समागम का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 28 फरवरी और 01 मार्च को विक्रमादित्य का न्याय वैचारिक समागम का आयोजन होगा। यह आयोजन प्रातः 11 बजे से पं. सूर्यनारायण व्यास कला संकुल, कालिदास संस्कृत अकादमी पर किया जाएगा।
28 फरवरी से 02 मार्च तक अंतराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 28 फरवरी से 02 मार्च तक अंतराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय सभागार पर प्रातः 11 बजे से किया जाएगा। शोध संगोष्ठी का विषय मंदिर संस्कृतिः वास्तु, व्यवस्थापन संघर्ष एवं पुनरुत्थान होगा।
01 मार्च को लोकरंजन का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 01 मार्च को रात्रि 08 बजे से बहिरंग कालिदास संस्कृत अकादमी में लोकरंजन के अंतर्गत जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
07 मार्च को नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 07 मार्च 2026 को रात्रि 08 बजे से बहिरंग कालिदास संस्कृत अकादमी में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति पर केंद्रित अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किय जाएगा।
10 से 12 मार्च तक अनहद का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 10 से 12 मार्च तक अनहद के तहत संगीत का उद्भव एवं विकास वैचारिक समागम का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अभिरंग सभागार, कालिदास संस्कृत अकादमी में किया जाएगा।
12 से 14 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 12 से 14 मार्च 2026 तक भारतीय ज्योतिष में वेध परंपरा-वैशिष्ट्य एवं प्रमाण पर अंतराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन होगा। संगोष्ठी का आयोजन प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय में किया जाएगा।
13 से 17 मार्च तक शिव पुराण, लोकनृत्य और नृत्य पाटिका का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 13 से 17 मार्च तक शिवपुराण के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा के अठारह पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान के चित्रांकन की प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा।
13 से 17 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत पौराणिक फिल्मों का अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। फिल्म महोत्सव प्रातः 11 बजे से सांय 07 बजे तक अभिरंग सभागार, कालिदास संस्कृत अकादमी में किया जाएगा। समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरु, रसियन, स्पेनिश, अइसलेन्दीक, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक, भाषाओं की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा।
14 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 1 मार्च को रात्रि 8:30 बजे टावर चौक पर लोकरंजन के अंतर्गत जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं आषा के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे।
17 मार्च को ज्योतिष सम्मेलन
विक्रमोत्सव के तहत 17 मार्च को सुबह 10 बजे से सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
17 से 18 मार्च तक भारतीय विज्ञान शोध संगोष्ठी का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 17 व 18 मार्च को प्रातः 11 बजे से तारामंडल परिसर में भारतीय विज्ञान शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी का विषय वैज्ञानिक सम्मेलन, तकनीकी कार्यशाला एवं प्री- कॉन्फ्रेंस ऑफ इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम होगा।
18 मार्च को वेद अंताक्षरी का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 18 मार्च से प्रातः 10 बजे से गुमानदेव हनुमान मंदिर पर वेद अंताक्षरी का आयोजन किया जाएगा।
19 मार्च को सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 19 मार्च 2026 को प्रातः 5:30 बजे राम घाट, दत्त अखाड़ा पर कोटि सूर्योपासना का आयोजन होगा। इसी दिन सांय 07 बजे से शिप्रा तट पर सृष्टि आरंभ दिवस, उज्जयिनी गौरव दिवस पर सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत अंतराष्ट्रीय सम्मान 1 करोड़ 1 लाख रुपए का, राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपए का और तीन राज्यस्तरीय सम्मान पांच-पांच लाख रुपए के प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर कालगणना केंद्रित विक्रम पंचांग 2083 भारत निधि (मोनोग्राफ), आर्ष भारत, 84 महादेव, विक्रमार्क (पत्रिका) प्रकाशन का लोकार्पण होगा।
19 मार्च को विशाल मिश्रा एवं दल द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति होगी
विक्रमोत्सव के तहत 19 मार्च को सांय 07 बजे शिप्रा तट पर महादेव नदी कथानृत्य-नाट्य प्रस्तुति और सु-प्रसिद्ध पार्श्वगायक विशाल मिश्रा एवं दल द्वारा सांगीतिक प्रस्तुति दी जाएगी। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी और ड्रोन शो का आयोजन भी होगा। 19 मार्च को ही विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह का आयोजन भी किया जाएगा।
19 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ पश्चात प्रदेश के सभी जिलों में विक्रम सम्वत् एवं जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
19 से 22 अप्रैल तक कृषि मेला का आयोजन
विक्रमोत्सव के तहत 19 से 22 अप्रैल 2026 तक कार्तिक मेला ग्राउंड पर किसान कल्याणः स्वाभिमान पर्व कृषि मेला का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत किसान सम्मेलन, कृषि केंद्रित प्रदर्शनी, किसान कल्याण शिविर, सिंचाई उपकरणों की जानकारी और खेती एवं कर्म प्रधान नृत्य-गीतों की प्रस्तुतियां होगी।
23 से 24 मई तक अंतराष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन विक्रमोत्सव के तहत 23 से 24 मई 2026 को रवीन्द्र भवन भोपाल में अंतराष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 05 मई को गंगा दशहरा का आयोजन विक्रमोत्सव के तहत 05 मई 2026 को रामघाट पर गंगा दशहरा का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश की कृषि भूमि का सेटेलाइट मैपिंग के प्रकाशन का लोकार्पण और कलऔं में जल महिमा सांगीतिक प्रस्तुति होगी। 30 मई से 07 जून तक सदानीरा समागम का आयोजन विक्रमोत्सव के तहत 30 मई से 07 जून 2026 तक भारत भवन भोपाल में सदानीरा समागम का आयोजन किया जाएगा। वहीं 30 जून को विक्रमोत्सव जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन होगा।
रिपोर्टर : राजेश जैन


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