भाजपा जिला उज्जैन ग्रामीण के समस्त मण्डलों में कार्यकर्ताओं के मण्डल प्रशिक्षण संपन्न।
उज्जैन : भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी जिला उज्जैन ग्रामीण के शेष मण्डल झारड़ा, महिदपुर नगर, खरसोदखुर्द, इंगोरिया, महिदपुर रोड़ एवं तराना नगर मण्डल में कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग संपन्न हुए। जिला मीडिया प्रभारी गजेन्द्र परमार ने बताया कि उपरोक्त 6 मण्डलों में दो दिवसीय इन प्रशिक्षण वर्गो में अलग-अलग सत्रों में विभिन्न विषयों पर वक्ताओं ने अपने वक्तव्य दिये। जिनमें मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष श्री राजेश धाकड़, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, नागदा खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री श्याम बंसल, श्री मदन सांखला, जिला महामंत्री श्री राकेश यादव, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य किसान मोर्चा श्री दयाराम धाकड़, प्रदेश महामंत्री अजा मोर्चा श्री गणपत डाबी, प्रदेश मंत्री अजा मोर्चा डॉ. जगदीश चौहान, पूर्व निगम मण्डल अध्यक्ष श्री सुल्तानसिंह शेखावत, पूर्व प्रदेश महामंत्री युवा मोर्चा श्री कृष्णपालसिंह झाला, पूर्व जिला उपाध्यक्ष श्री संजय मेहता, पूर्व जिला मंत्री श्री राजपालसिंह राठौड, मण्डल प्रभारी श्री मंगेश वर्मा एवं आईटी सह-संयोजक श्री मुकेश गांधी ने विस्तृत जानकारी दी, तथा प्रशिक्षण वर्गो में अभियान के सह-संयोजक श्री निरंजन मेहता, श्री महिपालसिंह उमठ एवं श्रीमती रीतू पाटीदार भी व्यवस्था में रहे।
पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के प्रशिक्षण वर्ग समापन पर जिलाध्यक्ष श्री राजेश धाकड़ ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के प्रशिक्षण वर्ग के समापन का यह अवसर हम सभी कार्यकर्ताओं के लिये ऊर्जा ओर संकल्प का क्षण है। मैं इन प्रशिक्षण वर्ग को सफल बनाने वाली जिला टोली, वक्तागण, व्यवस्थापक एवं आप सभी देवतुल्य कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। प्रशिक्षण वर्ग में हमने पंडित जी के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के दर्शन को गहराई से समझा है। वह कहते थे कि राजनीति का अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान होना चाहिए। आज भाजपा सरकार उसी अंत्योदय के मंत्र को लेकर गरीब कल्याण की योजनाओं के माध्यम से हर घर तक पहुंच रही है। हमें प्रशिक्षण में जो वैचारिक स्पष्टता ओर संगठनात्मक समझ मिली है, उसे अब धरातल पर उतारना है। ‘‘किया है प्रण हमने, चले हैं जिस डगर पर, मंजिल मिले ना मिले, अपना काम है चलते रहना‘‘।
प्रशिक्षण का अर्थ केवल सुनना नहीं, बल्कि उसे आचरण में उतारना है। बूथ जीता तो चुनाव जीता। इसलिए अब हमारा दायित्व है कि पंडित जी के विचारों को लेकर प्रत्येक बूथ तक जाएं, प्रत्येक कार्यकर्ता को सक्रिय करें और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं पहुंचाएं।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस वर्ग से निकला प्रत्येक कार्यकर्ता पंडित दीनदयाल जी के सपनों का भारत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिपोर्टर : यशपाल दीक्षित

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