सफाई कार्य में लापरवाही ना हो नवीन टूलकिट के साथ सर्वे की तैयारियों को पूर्ण करें

उज्जैन : स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 - 26 अभियान के अंतर्गत सर्वे कार्य 25 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रहा है विजिटर टीम द्वारा उज्जैन शहर की सफाई व्यवस्था का किसी भी समय भ्रमण किया जा सकता है इसलिए शहर की सफाई व्यवस्था का विशेष रूप से ध्यान रखते हुए नवीन टूलकिट के अनुसार कार्य करना है उक्त निर्देश निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा द्वारा दिए गए। 

स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत निगम द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था का विशेष रूप से ध्यान रखा जाकर निरंतर जन जागरूकता गतिविधियों का संचालन आईईसी टीम के माध्यम से किया जा रहा है शहर के प्रमुख उद्यानों, जल संरचनाओं की विशेष रूप से सफाई कार्य, कचरा पृथक्करण अंतर्गत गीला एवं सूखा कचरा अलग अलग संग्रहित किए जाने का कार्य साथ ही स्वच्छता अभियान अंतर्गत शहर के नागरिकों की भी मुख्य भूमिका रहेगी जिनके सकारात्मक फीडबैक के परिणाम स्वरुप ही हम स्वच्छता में नंबर वन आएंगे उज्जैन शहर पिछली बार सुपर स्वच्छता लीग अंतर्गत 3 से 10 लाख की जनसंख्या में प्रथम स्थान पर आया था यह स्थान हमें निरंतर बनाए रखना है इस बार की परीक्षा में उन्हेल नगर परिषद को भी स्वच्छ शहर जोड़ी के अंतर्गत शामिल किया गया है जहां पर स्वच्छता की कार्यशालाएं, प्रशिक्षण, स्वच्छता से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही है इसी के साथ गंगा रिवर टाउन भी एक स्वच्छता अभियान की केटेगिरी है जिसके अंतर्गत उज्जैन शहर  क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित है इसलिए नदी की स्वच्छता का ध्यान भी रखा जा रहा है निगम आयुक्त के निर्देश अनुसार क्षिप्रा कवच टीम का गठन किया गया है जो घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को जागरूक करने का कार्य कर रही है
सर्वेक्षण अंतर्गत मुख्य बिंदु जिसमें कचरा सेग्रीगेशन शत प्रतिशत किया जाना, शहर की जल संरचनाओं की सफाई, बरसाती नाले/नालियों की सफाई, नालों की कवरिंग एवं स्क्रीनिंग जाली लगवाई जाना, जुर्माने के बोर्ड एवं जल संरचनाओं के पास चेतावनी बोर्ड, वेस्ट टू वंडर पार्क का संचालन, दीवारों पर स्वच्छता के स्लोगन, सुंदर चित्रकारी करना, बायोमेडिकल वेस्ट के लिए अलग से कचरा गाड़ी में सेक्शन एवं उसी में मेडिकल वेस्ट को डालना, शहर में भवन निर्माण कार्यों के दौरान ग्रीन नेट से कवर करवाया जाना जिससे धूल के कण न उड़े, स्कूल/ कॉलेज में अवेयरनेस कार्यक्रम संचालित करना क्योंकि बच्चों के द्वारा ही स्वच्छता का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाता है, प्रमुख चौराहों, दीवारों पर स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के स्लोगन लिखे जाना, सुंदर चित्रकारी इत्यादि महत्वपूर्ण आवश्यक घटक हैं। 

रिपोर्टर : यशपाल दीक्षित

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