6 किमी के नवीन घाटों पर प्रत्येक 200 मीटर पर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए 30 स्थान चिन्हित किए गए
उज्जैन : संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी श्री आशीष सिंह और कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने नवीन घाट निर्माण कार्य का शनिवार सुबह 06 बजे से शिप्रा तट त्रिवेणी घाट क्षेत्र से नदी किनारे पैदल भ्रमण करते हुए सांवराखेड़ी तक के नवीन घाट निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नवीन निर्माणाधीन घाट तक श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन के लिए
प्रस्तावित मार्गो के प्रवेश और निर्गम व्यवस्था के संबंध में निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं की सुगमता से स्नान के लिए शिप्रा तट पर 29 किमी से अधिक लंबाई के नवीन घाट निर्माण किए जा रहे है। नियमित निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, यूडीओ सीईओ श्री संदीप सोनी, एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश राठौर सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
संभागायुक्त श्री सिंह ने शनिमंदिर के पीछे स्थित ब्रिज से लेकर वाकरणकर ब्रिज तक करीब 6 किलोमीटर क्षेत्र में नदी के किनारे पैदल भ्रमण करते हुए घाट तक पहुंचने के प्रस्तावित 30 मार्गों का चिन्हांकन किया। संभागायुक्त श्री सिंह ने निर्देश दिए कि निर्माणाधीन घाट तक बनने वाले पहुंच मार्ग सुगम और सुव्यवस्थित हो। घाट की ओर जाने वाले एप्रोच रोड़ पर ही श्रद्धालुओं के लिए टायलेट, चेंजिग रूम, पेयजल आदि व्यवस्थाओं की सुविधा भी की जाए।
निरीक्षण के दौरान त्रिवेणी श्री शनिमंदिर से वाकणकर ब्रिज सिंहस्थ बायपास मार्ग तक करीब 6 किलोमीटर क्षेत्र में 30 प्रवेश और निर्गम मार्ग प्रस्तावित किए गए है। ऐसे स्थानों का चयन किया गया है जहां से श्रद्धालुओं का सहज रूप से सुविधापूर्वक घाट तक पहुंचना आसान हो और स्नान के बाद श्रद्धालु पहुंच मार्ग से निर्गम होकर सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
निरीक्षण के दौरान 6 किलोमीटर क्षेत्र में प्रत्येक 200 मीटर क्षेत्र में एप्रोच रोड़ से जोड़कर घाट तक प्रवेश और निर्गम की व्यवस्था करना प्रस्तावित किया है।
संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप सिंहस्थ 2028 का आयोजन विश्व स्तरीय और भव्य होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश पर सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर 29 किलोमीटर से अधिक लंबाई के नवीन घाट का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों के दल के साथ सुबह से पैदल भ्रमण करते हुए घाट की लंबाई-चौड़ाई देखते हुए घाट तक पहुंच मार्ग और श्रद्धालुओं के घाट पर पहुंचने और बाहर निकलने के मार्ग चिन्हित किए गए है। आगे भी शिप्रा नदी के किनारे निर्माणाधीन अन्य घाटों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए पहुंच मार्ग निर्धारित किए जाएंगे।
कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए राजसी, पर्व और स्नानों पर विश्वभर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सरलता के साथ घाट तक स्नान कराना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव की मंशानुरूप पहुंच मार्ग में सभी सुविधाएं रहे और श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने में अधिक पैदल चलना नही पड़े इसके लिए प्रवेश और निर्गम के उचित मार्ग चिन्हित किए है।
रिपोर्टर : यशपाल दीक्षित

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