संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने सभी कलेक्टर को दिए निर्देश

उज्जैन - संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में संभाग के सभी कलेक्टर को निर्देश दिए कि राजस्व के प्रकरणों को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए अधीनस्थ कार्यालयों का लगातार निरीक्षण करें और लोक सेवा गारंटी के आवेदनों पर समय सीमा में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर पेनाल्टी लगाए। सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण के अविवादित प्रकरणों की पेंडेंसी एक माह में खत्म करें। नामांतरण, सीमांकन के प्रकरणों में निचले अमले की कार्रवाई पर भी निगाह रखें। बिना कारण सीमांकन प्रकरण रद्द नहीं हो। संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में रतलाम कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह, देवास कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह, शाजापुर कलेक्टर सुश्री रिजु बाफना, आगर मालवा कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव, नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा, मंदसौर श्रीमती अदिति गर्ग, ज्वाइंट कमिश्नर श्री राजेंद्र वर्मा, डिप्टी कमिश्नर श्री रणजीत कुमार, जिलों के जिला पंचायत सीईओ और अन्य संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उज्जैन कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने बताया कि उज्जैन में सीमांकन के प्रकरण लंबित नहीं हैं। इसी प्रकार नीमच जिले में भी पेंडेंसी नहीं है। संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा की नक्शा दुरुस्ती संबंधी प्रकरण होने पर आवेदन लेकर प्रकरण दर्ज कर ले उसके कारण सीमांकन प्रकरण रद्द नहीं हो। बैठक में उज्जैन,देवास,रतलाम,शाजापुर,आगर मालवा, मंदसौर,नीमच के कलेक्टर ने गेहूं खरीदी,बारदान उपलब्धता गेहूं का परिवहन की जानकारी भी दी। संभाग आयुक्त श्री सिंह ने स्वास्थ विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं की एएनसी पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली और कहा कि‍ जिलों में गर्भवती महिलाओं का  पंजीयन अनिवार्य रूप से हो और सभी आवश्यक दवाई, आयरन गोली, टीकाकरण लगे और लगातार उनके स्वास्थ की जानकारी भी अद्यतन रहे।

संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने  कहा कि गर्भवती महिलाओं की पूरी तरह ट्रेकिंग हो और समय-समय उनको जानकारी भी दी जाए,जिससे उनको पोषण आहार भी मिलता रहे।  इसके लिए साथ ही सभी प्रसव अस्पताल में हो इससे बच्चों के स्वास्थ पर भी निगाह रखी जा सकेगी और उनकी बेहतर देखभाल भी होगी। मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग ने बताया कि जिले में जन्म के बाद 24 घंटे बच्चों को मां के साथ रखा जा रहा है जिससे जन्म के बाद तत्काल मां का दूध मिल सके और उनका बेहतर विकास हो, इससे बच्चों में कुपोषण दर कम हुई है और मृत्यु दर में भी कमी आई है ।

देवास कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने बताया कि‍ देवास में बच्ची के जन्म के समय सभी सुरक्षा इंतजाम के साथ स्वच्छता का प्रोटोकॉल भी अपनाया गया है। इससे बच्चों में इन्फेक्शन से बचाव हुआ है। कमिश्नर श्री सिंह ने उक्त दोनों बिंदुओं को सभी जिलों को अध्ययन कर जिलों में भी अपनाने के लिए कहा है। जिलों में टीबी बीमारी की लगातार जांच हो। संभाग आयुक्त ने बैठक में हाई रिस्क वाले चिह्नित ग्रामों में टीबी की जांच पुनः एक बार करवाने कें लिए शिविर के निर्देश दिए है।

संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि‍ संभाग के जिलों में बच्चों में कुपोषण की कमी लाने के लिए आंगनवाड़ी में पंजीयन अनिवार्य रूप से करवाने और उनको पोषण आहार देने के लिए जन सहयोग से मदद करने का भी पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा सकता है । संभाग में नवजात बच्चों को सही तरीके फीडिंग कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा।

संभाग आयुक्त श्री आशीष सिंह ने महिला बाल विकास की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि‍ बच्चों को मां के दूध और ऊपरी दूध की फीडिंग को बेहतर तरीके कराने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों में अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फीडिंग के संबंध में प्रशिक्षण देंगी। मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए उज्जैन जिले में उज्जैन, शाजापुर ,देवास और आगर मालवा जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया जाएगा ।

बैठक में बताया गया कि रतलाम में भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित होगा जिसमें रतलाम ,मंदसौर और नीमच की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह मास्टर ट्रेनर अपने जिलों  की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नवजात बच्चों को फीडिंग के संबंध में मां और परिवार को तरीके बताएंगी। संभाग आयुक्त श्री सिंह ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में जल गंगा संवर्धन अभियान, नल जल अभियान, साक्षरता अभियान, स्कूल शिक्षा विभाग आदि विषयों की भी समीक्षा की गई।

रिपोर्टर - यशपाल दीक्षित

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