निगम सभापति ने निगम आयुक्त के साथ ऋषि तलाई एवं गंधर्व सागर का किया निरीक्षण

उज्जैन :  माननीय मुख्यमंत्री जी डॉ मोहन यादव जी के पर्यावरण एवं जल संरक्षण की संकल्पना के क्रम में मध्यप्रदेश शासन द्वारा जलगंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है जिसके अन्तर्गत जल स्त्रोंतों की साफ सफाई, गहरीकरण, सौन्दर्यीकरण के साथ ही वृहद स्तर पर पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है। मा. मुख्यमंत्री जी की मंशा एवं शासन निर्देशानुसार उज्जैन नगर पालिक निगम द्वारा जलगंगा संवर्धन अभियान अन्तर्गत शहर के तालाबों, कुए बावडियों एवं मां शिप्रा के घाटों पर निरंतर साफ सफाई एवं सौन्दर्यकरण का कार्य किया जा रहा है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत धार्मिक नगरी उज्जयिनी में सप्तसागर विकास कार्य के अंतर्गत प्राचीन तालाबों के गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य प्रचलित जिसके अन्तर्गत गयाकोटा स्थित ऋषि तलाई एवं गंधर्व तालाब पर सौंदर्यकरण, बाउंड्रीवॉल, ग्रीन एरिया डेवलपमेंट, लैंडस्कैपिंग, इत्यादि कार्य करवाए जा रहे है जिसका निरीक्षण शनिवार को  निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव द्वारा निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा के साथ किया गया।
निरीक्षण के दौरान निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव ने कहा कि जलगंगा संर्धवन अभियान पर्यावरण एवं जल संरचनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में चलाए जाने वाला अत्यंत ही महत्वपूर्ण अभियान है जो कि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में मा. मुख्यमंत्री जी के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 25 मई गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर जहां एक ओर मा. मुख्यमंत्री जी के सानिध्य में क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा का आयोजन होगा उसी के साथ ही  गयाकोटा ऋषि तलाई में जनसहयोग के माध्यम से वृहद स्तर पर पौधारोपण का कार्य किया जाएगा।
निगम अध्यक्ष द्वारा ऋषि तलाई पर पौधारोपण से सम्बंधित समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं समय पूर्व सुनिश्चित किये जाने के निर्देश अधिकारियों को प्रदान किये गए। 
निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद श्री दिलीप परमार, अपर आयुक्त श्री पवन कुमार सिंह, कार्यपालन यंत्री श्री दीपक शर्मा ,श्री वैभव भावसार, जोनल अधिकारी श्री श्यामसुंदर शर्मा एवं संबंधित कार्य के ठेकेदार मौजूद रहे।

गया कोटा ऋषि तलाई का होगा सौंदर्यीकरण

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन जी यादव के निर्देश अनुसार गया कोटा स्थित ऋषि तलाई समग्र सौंदर्यीकरण एवं पर्यावरणीय संरक्षण कार्य प्रगतिरत है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण करते हुए तालाब को प्राकृतिक, आकर्षक एवं पर्यावरण अनुकूल स्वरूप में विकसित करना है, ताकि भविष्य में यह क्षेत्र जल संरक्षण एवं हरित विकास का एक आदर्श उदाहरण बन सके।
परियोजना अंतर्गत ऋषि तलाई का वैज्ञानिक तरीके से गहरीकरण किया जा रहा है, जिससे जल भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी एवं वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा। तालाब के तटों को सुरक्षित एवं दीर्घकालीन स्थायित्व प्रदान करने हेतु स्टोन पिचिंग का कार्य किया जा रहा है। साथ ही नागरिकों के लिए प्राकृतिक वातावरण में भ्रमण एवं विश्राम हेतु अर्थन पाथवे विकसित किया जा रहा है, जो तालाब की प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक आकर्षक बनाएगा।
पाथवे के दोनों ओर सुव्यवस्थित ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी, जिसमें विभिन्न प्रजातियों के छायादार वृक्ष, बाँस, एरोमेटिक पौधे एवं स्थानीय जलवायु के अनुरूप हरित पौधों का रोपण योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। यह हरित क्षेत्र न केवल पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छ वायु, जैव विविधता एवं प्राकृतिक सौंदर्य को भी बढ़ावा देगा।
इसके अतिरिक्त तालाब के समीप एक विशेष “ग्रीन ज़ोन” विकसित किया जा रहा है, जहाँ हरियाली, प्राकृतिक वातावरण एवं शांत परिवेश का अनुभव प्राप्त होगा। यह क्षेत्र नागरिकों के लिए प्रकृति से जुड़ाव, पर्यावरण जागरूकता एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने का केंद्र बनेगा।
गया कोटा स्थित ऋषि तलई का यह विकास कार्य जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं प्राकृतिक सौंदर्य के समन्वय का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो आने वाले समय में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ-साथ सतत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल सिद्ध होगा।

रिपोर्टर : यशपाल दीक्षित

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