प्रदेशभर में सिंहस्थ-2028 के लिए 20,000 प्रशिक्षित वॉलिंटियर्स तैयार करने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।
उज्जैन - आगामी सिंहस्थ-2028 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक उज्जैन के निर्देशन में आज पुलिस सामुदायिक भवन, उज्जैन में "सिंहस्थ सारथी" प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के सहयोगी के रूप में कार्य करने वाले स्वयंसेवकों एवं एनआरएस (NRS) सदस्यों को व्यवहारिक, तकनीकी तथा आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी कार्य करने हेतु प्रशिक्षित करना है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं बेहतर व्यवस्थाओं के लिए प्रदेशभर में 20,000 प्रशिक्षित वॉलिंटियर्स तैयार किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में उज्जैन जिले में 5,000 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रथम चरण में लगभग 1,800 स्वयंसेवकों एवं एनआरएस सदस्यों का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है, जबकि शेष प्रतिभागियों को आगामी चरणों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, भीड़ प्रबंधन, सूचना सहायता, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सहयोग तथा पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पूर्व श्री आलोक शर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विभिन्न विषय विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रथम सत्र में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पूर्व श्री आलोक शर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए उनके दायित्वों, कर्तव्यों एवं सेवा की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में स्वयंसेवकों की भूमिका केवल सहयोग तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को अनुशासन, संवेदनशीलता, सेवा भाव, त्वरित निर्णय क्षमता तथा पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
इसके उपरांत श्रीमती मेघा जेठवानी द्वारा सॉफ्ट स्किल्स,प्रभावी संवाद,जनसंपर्क,श्रद्धालुओं से सकारात्मक व्यवहार, तनावपूर्ण परिस्थितियों में संवाद कौशल तथा सेवा भावना पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं देविका खरे ने स्वयंसेवकों को सिंहस्थ के दौरान उनकी भूमिका,जिम्मेदारियों,कार्यप्रणाली एवं विभिन्न परिस्थितियों में अपेक्षित व्यवहार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के व्यवहारिक सत्र में होमगार्ड एवं चिकित्सक दल द्वारा प्रतिभागियों को सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation), प्राथमिक उपचार, घायल अथवा अस्वस्थ व्यक्तियों को तत्काल सहायता प्रदान करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। स्वयंसेवकों को विभिन्न परिस्थितियों का अभ्यास कराते हुए व्यावहारिक रूप से आवश्यक तकनीकों की जानकारी भी दी गई। दोपहर पश्चात आयोजित सत्र में थाना यातायात निरीक्षक श्री निवेश मालवीय द्वारा भीड़ प्रबंधन,यातायात व्यवस्था,संचार कौशल,टीम समन्वय,आपदा प्रबंधन तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने स्वयंसेवकों को वास्तविक परिस्थितियों में शांत, संयमित एवं जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक सिंहस्थ-2028 के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में कार्य करेंगे तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित धार्मिक अनुभव उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पूर्व श्री आलोक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक श्री भरत सिंह यादव, प्रशिक्षण समन्वयक सूबेदार स्वाति कामले सहित संबंधित अधिकारी,प्रशिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि "सिंहस्थ सारथी" योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित स्वयंसेवक एवं एनआरएस सदस्य सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन, सूचना सहायता, भीड़ एवं यातायात प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सहायता तथा पुलिस एवं प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जनसेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह प्रशिक्षण अभियान चरणबद्ध रूप से निरंतर संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कुल 5,000 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्टर - यशपाल दीक्षित
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