मेवाड़ के प्रसिद्ध ज्योतिर्विद गिरवर गोपाल गर्ग ने की बड़ी भविष्यवाणी

उज्जैन। श्री धरणीपुत्र धार्मिक सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित गर्गाचार्य जयंती समारोह श्रद्धा, वैदिक परंपरा एवं धार्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह में मेवाड़, उदयपुर के प्रसिद्ध ज्योतिर्विद पंडित श्री गिरवर गोपाल गर्ग जी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। धर्म, ज्योतिष एवं सनातन परंपरा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले पंडित गिरवर गोपाल गर्ग जी ने समारोह में ज्योतिषीय गणनाओं एवं अपने अध्ययन के आधार पर भारत के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण अनुमान प्रस्तुत किए। पंडित दीपक तिवारी के अनुरोध पर अपने संबोधन में ज्योतिर्विद पंडित गिरवर गोपाल गर्ग जी ने कहा कि उनकी ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 7 फरवरी से 25 जुलाई 2027 के बीच भारत के लिए महत्वपूर्ण परिवर्तन का समय बनता दिखाई देता है। उन्होंने अपने ज्योतिषीय अध्ययन के आधार पर इस अवधि में भारत के विश्वगुरु बनने की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने तथा भारत को वीटो पावर मिलने की संभावना का अनुमान व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह आकलन उनकी ज्योतिषीय गणनाओं, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति एवं लंबे समय से किए जा रहे अध्ययन पर आधारित है। उनके इस संबोधन को सुनने के लिए समारोह में उपस्थित समाजजन, श्रद्धालु, संत एवं धर्मप्रेमी नागरिकों में विशेष उत्सुकता रही।

‘फलित विशिष्टाचार्य’ की उपाधि से सम्मान

गर्गाचार्य जयंती समारोह के दौरान श्री धरणीपुत्र धार्मिक सामाजिक शोध संस्थान की ओर से मेवाड़, उदयपुर के ज्योतिर्विद पंडित श्री गिरवर गोपाल गर्ग जी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर ‘फलित विशिष्टाचार्य’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से कहा गया कि पंडित गिरवर गोपाल गर्ग जी ने फलित ज्योतिष के क्षेत्र में अपने अध्ययन, अनुभव एवं शोध के माध्यम से ज्योतिषीय ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। उनका सम्मान मेवाड़ की समृद्ध ज्योतिष परंपरा एवं सनातन ज्ञान परंपरा के सम्मान का भी प्रतीक है।

सवा लाख महामृत्युंजय जाप एवं शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति

गर्गाचार्य जयंती के अवसर पर मुख्य यजमान श्री मुकेश शर्मा जी, नोएडा के संकल्प से सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र जाप एवं शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक विधि-विधान एवं आचार्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुए अनुष्ठानों की गर्गाचार्य जयंती समारोह के अवसर पर विधिवत पूर्णाहुति की गई। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की तथा महर्षि गर्गाचार्य की ज्ञान परंपरा, ज्योतिषीय विरासत एवं सनातन संस्कृति को स्मरण किया।

संतों, विद्वानों एवं गणमान्यजनों की रही उपस्थिति

समारोह में महंत अमर भारती जी, मंगलनाथ मंदिर उज्जैन, श्री नरोत्तम व्यास जी, कथा व्यास, जगदीश मंदिर उदयपुर, वास्तुविद् श्री योगेंद्र कुमार शर्मा, श्री दुर्गा दत्त जी, श्री दुर्गा प्रसाद जी, मालवा, श्री कैलाश शर्मा जी, तारा शक्तिपीठ, बिजाना सहित अनेक संत, विद्वान एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। जगदीश मंदिर से पुजारी भावेश पुजारी जी एवं पुजारी योगेश पुजारी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं नरेंद्र जी, प्रकाश जी, शंकरलाल जी, भंवरलाल जी, नीलम जी, जयश्री जी एवं विमला गर्ग जी सहित अनेक समाजजन एवं श्रद्धालु भी समारोह में उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित संतों एवं विद्वानों ने गर्गाचार्य जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महर्षि गर्गाचार्य की ज्योतिष एवं ज्ञान परंपरा को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं समाजजनों ने ज्योतिर्विद पंडित गिरवर गोपाल गर्ग जी को ‘फलित विशिष्टाचार्य’ की उपाधि से सम्मानित किए जाने पर शुभकामनाएं दीं। श्री धरणीपुत्र धार्मिक सामाजिक सेवा संस्थान ने कहा कि गर्गाचार्य जयंती महर्षि गर्गाचार्य की ज्ञान परंपरा, ज्योतिषीय विरासत एवं सनातन संस्कृति को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। मेवाड़ के प्रसिद्ध ज्योतिर्विद पंडित गिरवर गोपाल गर्ग जी की उपस्थिति, उनके ज्योतिषीय विचार एवं सम्मान ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।

रिपोर्टर — यशपाल दीक्षित

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