उल्हासनगर में सियासी विस्फोट! चव्हाण पर गंभीर आरोप, शिवसेना-भाजपा गठबंधन टूटा

उल्हासनगर : उल्हासनगर महानगरपालिका में स्वीकृत नगरसेवकों की नियुक्ति को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच विवाद अब चरम पर पहुंच गया है। भाजपा द्वारा स्थानीय स्तर पर गठबंधन तोड़ने की घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस विवाद ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब शिवसेना की महापौर अश्विनी निकम के पति कमलेश निकम ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, “अगर पप्पू कलानी को गैंगस्टर कहा जाता है, तो रविंद्र चव्हाण भी एक समय कुख्यात मंचेकर गैंग से जुड़े रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उन्हें तत्काल प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना चाहिए।” इस बयान के बाद उल्हासनगर की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

भाजपा ने पहले ही गठबंधन तोड़ते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के कामकाज का विरोध करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके जवाब में शिवसेना ने उल्हासनगर स्थित सांसद शिंदे के संपर्क कार्यालय में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस मौके पर विधायक डॉ. बालाजी किनीकर, महापौर अश्विनी निकम, सभागृह नेता अरुण आशान समेत कई पदाधिकारी और नगरसेवक मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कमलेश निकम ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि, “शिवसेना के नगरसेवकों पर आरोप लगाने से पहले भाजपा को अपने उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि जांचनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व नगरसेवक प्रदीप रामचंदानी पर फाइल चोरी और कपिल अडसूळ पर चोरी का मामला दर्ज है, जिसके चलते उनके आवेदन प्रशासन ने खारिज कर दिए।

इसके अलावा,भाजपा विधायक कुमार आयलानी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। निकम के मुताबिक, आयलानी उल्हास नदी के किनारे कथित रूप से अवैध पर्यटन प्रोजेक्ट विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। शिवसेना के सभागृह नेता अरुण आशान ने भाजपा के आरोपों को “बेबुनियाद” बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि, “अब जहां-जहां भाजपा के विधायक हैं, वहां शिवसेना पूरी ताकत के साथ उनके खिलाफ काम करेगी।” वहीं,अंबरनाथ के विधायक डॉ. बालाजी किनीकर ने भी भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने उनके खिलाफ काम किया था और उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा।

इस पूरे मामले पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा के गटनेता राजेश वधारिया ने कहा कि, “जिन लोगों को बोलने की पात्रता नहीं है, वही ऐसे आरोप लगा रहे हैं।” उन्होंने पप्पू कलानी समेत कई लोगों पर दर्ज गंभीर मामलों का जिक्र करते हुए शिवसेना पर निशाना साधा। उल्हासनगर की इन ताजा राजनीतिक घटनाओं से महायुति के भीतर के मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। दोनों दलों के बीच बढ़ती तल्खी आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर भी असर डाल सकती है।

रिपोर्टर - साबीर शेख

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