प्रधानमंत्री आवास योजना... फेल सरकारी तंत्र फेल....
उन्नाव : प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद आवास का लाभ नहीं मिलने का मामला सामने आया है। सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड के एक गांव की निवासी सीमा पत्नी संजीवन ने ग्राम पंचायत मित्र रोजगार सेवक बुद्धिलाल और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ शिकायत करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता सीमा का आरोप है कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखती हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण दिहाड़ी मजदूरी करके करती हैं। वर्तमान में उनका परिवार झोपड़ी में रहने को मजबूर है। उनका कहना है कि झोपड़ी की हालत जर्जर है, जिससे परिवार को कभी भी हादसे का खतरा बना रहता है।
पीड़िता के मुताबिक, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद उनसे कथित तौर पर 20 हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उन्हें आवास योजना का लाभ दिलाने में आनाकानी की गई। महिला का कहना है कि गरीब परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं है।
सीमा ने अपने शिकायती पत्र में आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पात्रता के आधार पर आवास योजना का लाभ दिलाने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
महिला ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाना है। ऐसे में यदि पात्र लाभार्थियों से पैसे की मांग की जाती है, तो यह योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि शिकायत पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और जांच में आरोपों की क्या सच्चाई सामने आती है। फिलहाल, संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब और प्रशासनिक जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
रिपोर्टर : प्रिंस ठाकुर

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