उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणभेरी हो रही तैयार, अखिलेश यादव की घोषणा पर भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ रही है, और इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में नारी समृद्धि सम्मान योजना की घोषणा की। इसके तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का वादा किया गया। यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा का एक बड़ा चुनावी दांव माना जा रहा है।
 
रजनी तिवारी का सीधा हमला
 
प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने इस घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल घोषणाओं से महिलाओं की स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता अब वादों और हकीकत के बीच का फर्क समझ चुकी है। रजनी तिवारी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जबकि सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठते रहे।
 
भाजपा नेताओं ने साधा निशाना
 
इस योजना पर भाजपा के अन्य नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिलाएं अपने परिवार की सुरक्षा के लिए समझौता नहीं करेंगी और सपा के वादों पर भरोसा नहीं करेंगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पहले विवादों में रहे, अब महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं।
 
चुनावी रणनीति बनाम आलोचना
 
विश्लेषकों के अनुसार, नारी समृद्धि सम्मान योजना के जरिए सपा सीधे महिलाओं को आर्थिक लाभ देकर बड़ा वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा इसे चुनावी वादे और पुराने शासनकाल की याद दिलाकर चुनौती दे रही है। दोनों पार्टियां महिलाओं को लेकर सक्रिय हैं, लेकिन उनका दृष्टिकोण और रणनीति चुनावी दृष्टि से पूरी तरह अलग नजर आती है।

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