यूपी पुलिस भर्ती: सामान्य वर्ग की आयु सीमा में छूट पर संशय, सरकार के पाले में गेंद-

 

यूपी पुलिस भर्ती: सामान्य वर्ग की आयु सीमा में छूट पर संशय, सरकार के पाले में गेंद-

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिलने की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं। हालांकि अभ्यर्थी और कई जनप्रतिनिधि लगातार तीन साल की छूट की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर इस बार राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं।

 पिछली भर्ती का तर्क बना बाधा-

अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 में हुई 60,244 सिपाहियों की भर्ती के दौरान सामान्य वर्ग को पहले ही तीन वर्ष की छूट दी जा चुकी है। इसी तर्क के आधार पर विभाग का मानना है कि इस बार छूट की आवश्यकता कम है। वर्तमान नियमों के तहत पुरुषों के लिए 18 से 22 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 से 25 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है। भर्ती बोर्ड का स्पष्ट कहना है कि आयु सीमा में बदलाव का अधिकार उनके पास नहीं है; यह निर्णय पूरी तरह राज्य सरकार के नीतिगत फैसलों पर निर्भर करता है।

 जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा-

भले ही शासन स्तर पर सुगबुगाहट कम हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा गरमाया हुआ है। राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार, भाजपा विधायक दिनेश रावत और निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अभ्यर्थियों के पक्ष में आवाज उठाई है। विधायकों का दावा है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में जनता दरबार के दौरान आयु सीमा में राहत देने का आश्वासन दिया था। इसके अतिरिक्त, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने भी पत्र लिखकर युवाओं को तीन साल की छूट देने की पुरजोर मांग की है।

 6 साल का इंतजार और उम्मीद-

अभ्यर्थियों का तर्क है कि पीएसी, विशेष सुरक्षा बल और जेल वार्डर जैसे पदों पर पिछले 6 वर्षों से कोई भर्ती नहीं हुई है। लंबे अंतराल के कारण हजारों युवा ओवरएज हो चुके हैं। फिलहाल, भविष्य की इस बड़ी भर्ती में उम्र का पेंच फंसा हुआ है और अंतिम फैसला मुख्यमंत्री कार्यालय को ही लेना है।

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