डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का जर्मनी दौरा: यूपी में 200 करोड़ रुपये का होगा निवेश

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जर्मनी दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने अग्रणी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी रेलवन जीएमबीएच  के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का दौरा किया और प्रदेश में रेलवे विकास के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उनके जर्मनी दौरे को प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे और वैश्विक निवेश सहयोग को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
 
अत्याधुनिक रेलवे तकनीक का अवलोकन
 
डिप्टी सीएम और उनके प्रतिनिधिमंडल ने रेलवन के संयंत्र में रेलवे ट्रैक और कंक्रीट स्लीपर निर्माण की उन्नत तकनीकों का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानक और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को समझने के लिए कंपनी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस समझौते के जरिए उत्तर प्रदेश को रेल अवसंरचना में आधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता और वैश्विक अनुभव से लाभ मिलने की संभावना है।
 
सेवा और निवेश क्षेत्र में संभावनाएं
 
जर्मनी में बैठकों के दौरान डिप्टी सीएम ने यूके निवेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इसमें निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक रूझान दिखाया। इसके तहत सेवा क्षेत्र, डिजिटल सेवाएं, स्मार्ट सिटी और कौशल आधारित रोजगार सृजन में नई संभावनाएं विकसित होंगी।
 
यूके यात्रा की स्थगित और वर्चुअल संवाद
 
जर्मनी में व्यस्त कार्यक्रम और निवेश संवाद के कारण डिप्टी सीएम ने अपनी पूर्व निर्धारित यूके यात्रा स्थगित कर दी। इसके बावजूद उन्होंने जर्मनी से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यूके निवेशकों से वन-टू-वन बैठक की और प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक सहमति हासिल की।
 
हाई-टेक और सेवा क्षेत्र में बैठकें
 
डिप्टी सीएम ने जर्मनी में ड्रोन तकनीक, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में अग्रणी कंपनियों के साथ बैठकें की। कंपनियों ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियां, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े बाजार को निवेश के लिए अनुकूल बताया। इसके साथ ही मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, सेमीकंडक्टर, आईटी/आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
 
निवेशकों को भरोसा और पारदर्शिता
 
डिप्टी सीएम ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण के साथ सेवा क्षेत्र को भी समान प्राथमिकता देता है। भूमि आवंटन से लेकर संचालन तक उद्योगों को प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। निवेशकों को प्रदेश के विशाल उपभोक्ता आधार और कौशल संसाधनों के बारे में जानकारी दी गई।

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