UPSC के 100 साल पूरे, शताब्दी समारोह में PM मोदी ने कहा- संस्था पर भरोसा आज भी अटूट

AKANSHA UPADHYAY

भारत की नौकरशाही की रीढ़ माने जाने वाले संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपने गठन के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में UPSC का शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोग की 100 साल की यात्रा को देश के भरोसे और प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण विरासत बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि एक सदी के दौरान पीढ़ियां, सरकारें, तकनीक और सिलेबस बदल गए, लेकिन UPSC पर देशवासियों का भरोसा आज भी उतना ही मजबूत है। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों युवा इस संस्था के जरिए अपने सपनों को साकार करने की कोशिश करते हैं। समारोह के दौरान UPSC की 100 साल की यात्रा को याद करते हुए एक डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया। इसके अलावा 100 महत्वपूर्ण केस लॉ का संग्रह भी लॉन्च किया गया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सिविल सर्विस में बदलते समय के साथ बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हजारों दस्तावेजों को कुछ ही समय में प्रोसेस कर सकता है। ऐसे में आने वाले समय के सिविल सर्वेंट्स को नई तकनीक और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को पब्लिक ऑफिस नहीं, बल्कि पब्लिक सर्विस के प्रति आकर्षित होना चाहिए।

पीएम मोदी ने ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं तथा महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि UPSC के इतिहास में चार महिला चेयरपर्सन रही हैं, जिनमें तीन की नियुक्ति 2014 के बाद हुई।इस दौरान पीएम मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्मित ने विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाकर देश का गौरव बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार से बातचीत का भी जिक्र किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की। 

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